ब्राजील की अंतरिम सरकार पर संकट, सामने आया डिल्मा रौसेफ के खिलाफ साजिश का ऑडियो टेप

नई दिल्ली (25 मई): पेट्रो-स्कैम में फंसे दो बड़े नेताओं की बातचीत की फोन रिकॉर्डिंग सामने आने से ब्राजील में नया संवैधानिक संकट पैदा हो सकता है। यह रिकॉर्डिंग मौजूदा कार्यवाहक राष्ट्रपति माइकल तेमर के सलाहकार और प्लानिंग मंत्री रोमेरो जुका और सरकारी पेट्रोलिय कंपनी के पूर्व मुखिया सेरगियो मकादो के बीच है। इस बात-चीत से साफ जाहिर हो रहा है कि  ब्राजील के सबसे बड़े पेट्रो स्कैम से बचाने और जांच को खत्म करने के लिए राष्ट्रपति डिल्मा रौसेफ को रास्ते से हटाने की साजिश रची जा रही है।

डिल्मा रौसेफ ने उसी वक्त कहा था कि पेट्रो स्कैम में फंसे हुए लोग उनका तख्ता पलट करना चाह रहे हैं। यह बातचीत मार्च में टेप की गयी थी। इस टेप में 'ऑप्रेशन लावा जातो'का जिक्र किया गया है। ऑप्रेशन लावा जातो ब्राजील की सबसे बडी तेल कंपनी में हुए भ्रष्टाचार की जांच कार्रवाई का नाम है। इस जांच के दायरे में रोमेरो जुका और सेरगयी मकादो के अलावा कई बड़े नाम शामिल हैं। डिल्मा रौसेफ ने ही इस 'ऑप्रेशन लावा जातो'को हरी झण्डी दी थी। स्थानीय अखबार फोल्हा डि साओ पाउलो ने लिखा है कि सरकार बदलने से ही जान बच सकती है।

ऐसा बताया जा रहा है कि जुका और मकादो की बात-चीत का टेप अटॉर्नी जनरल के पास पहुंच चुका है। इस बात-चीत में जुका कहते हैं कि अगर रौसेफ के खिलाफ महाभियोग लाया जाता है तो देश की सेना को कोई आपत्ति नहीं होगी। वो यह भी कहते हैं कि आर्मी के टॉप ब्रासेस से उनकी बात-चीत हो गयी है और वो डिल्मा रौसेफ के खिलाफ इम्पीचमेंट  समर्थन करेंगे।

अटॉर्नी जनरल के पास जो टेप है उसमें जुका और मकादो लगभग एक घण्टा 15 मिनट तक इसी मुद्दे पर बात करते हैं। इस टेप की खबर जनता में पहुंचते ही ब्राजील में तेमेर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का सिलसिला तेज हो गया है। प्रदर्शनकारियों के उग्र रूप को देख कर कार्यवाहक राष्ट्रपति तेमेर को अपना घर छोड़ कर जाना पड़ा था।