नेताओं के मुंह पर तमाचा, मुस्लिम ने दिया हिंदू को 'दिल'


नई दिल्ली(20 दिसंबर): देश में हिंदू-मुस्लिम झगड़े की कई घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इस बार जो हुआ वो एकता की मिसाल है। अर्जन अबंलिया अब जब तक जिएंगे तब तक एक मुस्लिम किसान और उसके परिवार के तहे दिल से एहसानमंद रहेंगे।


- ब्रेन डेड आसिफ जुनेजा के दिल ने अंबलिया को नई जिंदगी जो दी है।


- सोमवार को भावनगर से प्लेन के जरिए जुनेजा का दिल अहमदाबाद लाया गया और अंबलिया का हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया। बता दें कि यह गुजरात में किया गया पहला हार्ट ट्रांसप्लांट भी है।


-17 दिसंबर को जुनेजा रोड क्रॉस करते वक्त एक तेज रफ्तार गाड़ी से टक्कर खाने के बाद गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें भावनगर के सिविल हॉस्पिटल पहुंचाया गया जहां 20 दिसंबर को उन्हें ब्रेन डेड करार दे दिया गया।


- भावनगर के चैरिटेबल हॉस्पिटल में न्यूरोसर्जन डॉक्टर राजेंद्र कबारिया ने बताया, 'हमने जुनेजा के परिवार से उनके अंगदान करने के लिए संपर्क किया और वे राजी हो गए। दिल के अलावा जुनेजा की दो किडनी, लिवर और अग्नाश्य भी चार अन्य जरूरतमंदों को दिए जाएंगे।'


- जुनेजा के दिल के साथ चार्टर्ड प्लेन सोमवार को भावनगर से सुबह 8 बजकर 20 मिनट पर रवाना हुआ था। भावनगर सिटी से एयरपोर्ट और हॉस्पिटल तक ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया था। इसके बाद सुबह 9.30 बजे सर्जरी शुरू हुई थी और तकरीबन 4 घंटे की मेहनत के बाद डॉक्टर्स ने सफलतापूर्वक हार्ट ट्रांसप्लांट किया।