आने वाले 10 सालों में स्वदेशी हाइपरसोनिक मिसाइल बना लेगा भारत

नई दिल्ली (6 दिसंबर): भारत ने हाल ही में युद्धक विमान सुखोई के जरिए अपनी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस के हवाई संस्करण का सफल परीक्षण किया था। यह 2.8 मैक (यानी ध्वनि की गति का 2.8 गुना) से दुश्मन पर वार कर सकती है।

ब्रह्मोस एयरोस्पेस सीईओ एवं एमडी डॉ. सुधीर मिश्र ने बताया कि अगले दो साल में भारत 3.5 मैक एवं चार साल में पांच मैक की मिसाइल बना लेगा। इसके बाद आठ से 10 साल में हाइपरसोनिक मिसाइल बनाने की योजना है। इसमें स्क्रैमजेट इंजन लगेंगे और उसकी तकनीक वर्तमान ब्रह्मोस मिसाइल से काफी भिन्न और उन्नत होगी। ब्रह्मोस के कारण इन दिनों चर्चा का केंद्र बना भारत के अगले 10 वर्षों में स्वदेशी हाइपरसोनिक मिसाइल भी तैयार कर लेने की उम्मीद है।

तकनीकी रूप से भारतीय मिसाइलों, खासकर ब्रह्मोस की प्रगति ने भारत को प्रक्षेपास्त्र निर्माता देशों के साथ अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर दिया है। हाइपरसोनिक मिसाइल भारत की ताकत में बेहिसाब इजाफा कर देगी।