दुश्मन होशियार, अब 450 किमी तक वार कर सकेगी ब्रह्मोस मिसाइल

बालासोर (11 मार्च):भारत ने एकबार फिर जमीन से जमी पर मार करने वाली क्रूज मिसालइल ब्रह्मोस का सफल परीक्षण किया है। भारत ने ओडिशा में चांदीपुर आइटीआर (इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज) से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की बढ़ी रेंज की टेस्ट फायरिंग की है। अब इसकी पहुंच 290 किलोमीटर से बढ़कर 450 किलोमीटर हो गई है। यानी पाक और चीन समेत कई देश दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की जद में आ गई है।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO ने रूस के सहयोग इस इस मिसाइल का निर्माण किया है। ये मिसाइल 8.4 मीटर लंबी है। इसका वजन 3000 किलोग्राम है। यह 300 किलोग्राम वजन तक विस्फोट ढो सकती है।

दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के इस टेस्ट पर दुनिया के कई देशों की गहरी नजर थी, क्योंकि वे इस मिसाइल को खरीदने में दिलचस्पी रखते हैं।

इस मिसाइल को बहुद्देश्यीय प्लेटफॉर्म से प्रक्षेपित किया जा सकता है। ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। इस मिसाइल को इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि यह घनी शहरी आबादी में भी छोटे लक्ष्यों को सफलता से भेदने में सक्षम है। ब्रह्मोस का पहला परीक्षण 12 जून, 2001 को चांदीपुर के आइटीआर से सफलता पूर्वक किया गया था। इसका एक बेड़ा पहले से ही सेना में शामिल किया जा चुका है।