दुश्मन देशों की अब नहीं खेर, ध्वनि की सात गुना रफ्तार से दुश्मन पर कहर बरपाएगी ब्रह्मोस

नई दिल्ली (30 अप्रैल): देशवासियों के लिए अच्छी खबर जबकि दुश्मन देशों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर है। भारत की ब्रह्मोस मिसाइल दुनिया की सबसे तेज मिसाइल बनने जा रही है। यह ध्वनि की सात गुना यानी मैक 7 की गति से दुश्मन पर कहर बरपाएगी। दुनिया की सबसे तेज गति की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस उन्नत इंजन के साथ 10 साल में हाइपरसोनिक क्षमता से लैस हो जाएगी।

इस मिसाइल को भारत-रूस ने मिलकर विकसित किया है। भारत और रूस की संयुक्त उपक्रम कंपनी ब्रह्मोस एयरोस्पेस के मुख्य कार्यकारी एवं प्रबंध निदेशक सुधीर मिश्रा ने कहा कि , ‘हाइपरसोनिक मिसाइल प्रणाली बनाने में अभी से 7-10 साल लगेंगे।’ अभी इसकी रफ्तार ध्वनि की गति की 2.8 गुना है। डीआरडीओ, आईआईटी और भारतीय विज्ञान संस्थान जैसे भारतीय संस्थान उस तकनीक पर काम कर रहे हैं, जिससे ब्रह्मोस की रफ्तार को ध्वनि की गति से सात गुना ज्यादा बढ़ाया जा सके। रूस के संस्थान भी इस काम में जुटे हुए हैं। इसमें डीआरडीओ की हिस्सेदारी 55 प्रतिशत और रूस की 45 फीसदी है।

सुधर मिश्रा के मुताबिक ‘यह अभी दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइल है। अमेरिका समेत किसी भी देश के पास ऐसी मिसाइल प्रणाली नहीं है।’ उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस के इंजन और लक्ष्य खोजने की प्रणालियां रूस द्वारा विकसित की गई हैं, जबकि भारत ने सॉफ्टवेयर, एयरफ्रेम और फायर कंट्रोल को नियंत्रित करने वाली प्रणालियों को विकसित किया है। उन्होंने कहा कि यह मिसाइल प्रौद्योगिकी अब अगले 25-30 साल तक प्रासंगिक रह सकेगी। इसमें उच्च शक्ति के लेजर और माइक्रोवेव ऊर्जा वाले शस्त्र लगे होंगे।