भारतीय कामगारों की दिवाली हुई रौशन, 45 फीसदी बढ़ी सामानों की मांग

गोरखुपुर (27 अक्टूबर): आतंकवाद के मुद्दे पाकिस्तान का साथ पर चीन के खिलाफ देशभर में गुस्सा देखा जा रहा है। आतंकवाद पर चीन का दोहरा सामने आने के बाद देशभर चीनी सामानों का बॉयकॉट जोरों पर है। इसका असर भी देखा जा रहा है। दिवाली के इस मौसम में भारी तादाद में लोग मेड इन चायना दीयों का बहिष्कार कर रहे हैं। इसकी वजह से देशभर में मिट्टी की दीये और आन्य सामानों की मांग बढ़ गई है। अकले गोरखपुर में मिट्टी के दिये और अन्य सामनों की मांगों में 45 फीसदी तक बढ़ोतरी देखी जा रही है।

दीपावली पर लोग घरों को रोशन करने के लिए लोग जहां मिट्टी के दिए खरीद रहे है वहीं पूजा के लिए मिट्टी के कलश,और घरों को सजाने के लिए भारी तादद में मिट्टी के खिलौने खरीद रहे। खास तौर घर सजाने के लिए मिट्टी से बनी कलात्मक वस्तुएं, रोशनी के लिए लटकाने वाली कंदीलें, दीवार पर लटकाने के लिए मिट्टी के बने भगवान आदि बड़ी मात्रा में बाजार में दिखाई दे रहे हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए इलाके के कुम्हार समुदाय के लोग दिन रात एक करके इन सामानों को बनाने में जुटे हैं। 

चीनी सामानों के विरोध के कारण इस साल इसकी मांग में जबर्दस्त गिरावट आई है। आलम ये है कि दुकानदार भी अपनी दुकान पर चीनी सामान रखने से कतरा रहे हैं। हालांकि जिन थोक व्यापारियों ने काफी पहले चीनी सामान का आयात कर लिया था,उन्हें इस साल नुकसान की आशंका जताई जा रही है। 

चीनी सामान में पटाखे, बल्ब की लड़ियां, गिफ्ट का सामान, फर्निशिंग फैब्रिक, इलेक्ट्रिक फिटिंग, इलक्ट्रोनिक सामान, घरेलू सजावट का सामान, खिलौने,भगवान की तस्वीर और मूर्तियों की खरीददारी पर इस बहिष्कार का व्यापक असर पड़ता दिख रहा है।