सलाम इस 16 साल के मानव को, शहीदों के सम्मान में निकल पड़ा 10 हजार किमी के समुद्री सफर पर

नई दिल्ली(5 दिसंबर): देश के शहीदों के सम्मान में 16 साल का एक लड़का अनूठे अभियान में जुटा है। वह 6 मेंबर्स वाली उस सी-हॉक्स का हिस्सा है जिसका लक्ष्य मुंबई से मैंगलोर तक 1000 किमी का समुद्री सफर तय करना है। 

- सफर सिर्फ तैरकर पूरा करना है, वो भी महज 14 दिन में। मानव इस टीम में सबसे छोटा है। सभी से तकरीबन आधी उम्र का। सफर के दौरान वह अरब सागर में उठती ताकतवर लहरों से लगातार लड़ रहा है। 

- जानलेवा शार्क, जेलीफिश और ईल जैसे समुद्री जीवों से खुद को बचाते हुए आगे बढ़ रहा है। इतना बड़ा जोखिम वह खुद के लिए नहीं बल्कि मुंबई, पठानकोट और उड़ी आतंकी हमलों में शहीद जवानाें को श्रद्धांजलि देने के लिए उठा रहा है। 

- मानव का कहना है, "26/11 हमले के वक्त मैं 8 साल का था। मां के साथ टीवी देख रहा था, तभी हमले की सूचना मिली।"

- "मैंने जवानों को आतंकियों से लड़ते देखा। जिस समय जवानों के शहीद होने की खबर आई। उसी समय शहीदों के सम्मान में कुछ करने की ठान ली थी।"

- "आठ साल बाद मुझे ये मौका मिला, कैसे हाथ से जाने देता। इसलिए तुरंत रिले के लिए तैयार हो गया।"

- "जवान देश के लिए अपनी जान दे सकते हैं तो क्या मैं उनके लिए ये मामूली-सा लक्ष्य पूरा नहीं कर सकता।"

- मानव की मां के अलावा परिवार में उसकी एक छोटी बहन है। पिता का देहांत हो चुका है। मां नवी मुंबई में बुटीक चलाती हैं। जिससे पूरे परिवार का खर्च चलता है।

- इस रेस को आइडीबीई बैंक सपोर्ट कर रहा है। लक्ष्य पूरा हुआ तो वर्ल्ड रिकॉर्ड बनेगा।

- टीम नौ दिन में 700 किमी दूरी तय कर चुकी है। मानव को अकेले 180 km तक का सफर तय करना है।

- सफर 26 नवंबर को मुंबई से शुरू हुआ था, जो मैंगलोर के तन्नीरभावी समुद्र तट पर खत्म होगा।

- गोवा तक के अपने सफर के बारे में मानव ने बताया- "समुद्र में मुझे 7-8 फीट बड़ी जेलीफिश का सामना करना पड़ा।"

- "एक दिन रात में जेलीफिश के एक बड़े झुंड ने टीम पर हमला कर दिया। एक ने मेरे दाहिने हाथ और बाएं पैर में काट लिया। जख्मी होने से मेरे शरीर का एक अंग काफी देर तक सुन्न पड़ गया।"

- टीम लीडर वायुसेना के विंग कमांडर परमवीर सिंह बताते हैं कि टीम का हर मेंबर दिन में 80 km की दूर तय कर रहा है।

- सी-हॉक्स की इस टीम में मानव के साथ भारतीय वायु सेना के तीन, मुंबई पुलिस का एक जवान और एक नागरिक है।

- रिले में शामिल होने के लिए 3 महीने पहले मानव ने तैयारी शुरू कर दी थी।

- रोज 10 किमी. की दौड़ करता और 6 घंटे तैराकी की प्रैक्टिस। शहीदों को श्रद्धांजलि देने का जुनून उसमें इस कदर है कि रात में भी स्वीमिंग पूल जाकर प्रैक्टिस करता था।

- कभी अपने अंकल की बोट लेकर उरण के खुले समुद्र में तैरने चला जाता था।

- मानव का यह कोई पहला ओपन वॉटर रिले नहीं है। वह पिछले साल 433 km का मुंबई- गाेवा तक सफर तैरकर पार कर चुका है।