मो.अली से लड़ने वाला अकेला भारतीय बॉक्सर आज 2 लाख लोन नहीं चुका पा रहा

नई दिल्ली(13 दिसंबर): भारतीय बॉक्सिंग में चैंपियन रहे कौर सिंह को आज 2 लाख रुपये का मेडिकल लोन चुकाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। 69 साल के कौर ने यह लोन एक प्राइवेट फाइनैंसियर से अपने दिल संबंधी बीमारी के इलाज के लिए लिया था। 

- बता दें कि 1980 में नई दिल्ली में आयोजित हुए एक प्रदर्शनी मैच में कौर ही ऐसे एकमात्र बॉक्सर थे, जो दुनिया के दिग्गज बॉक्सर मोहम्मद अली के खिलाफ लड़ने के लिए रिंग में उतरे थे। इस मुकाबले में कौर ने मोहम्मद अली के सामने कड़ी चुनौती पेश की थी। 

- इसके बाद 1982 में हुए एशियाई खेलों में कौर ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। 1982 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड और फिर 1983 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। 1984 में लॉस एंजिल्स में हुए ओलिंपिक के बाद कौर ने बॉक्सिंग से संन्यास ले लिया। 

- इस ओलिंपिक में उन्होंने लगातार दो बॉउट अपने नाम करने का कारनामा किया था

- करीब दो साल पहले उनके हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज हो गया, जिसके इलाज के लिए उन्हें स्टेंट की जरूरत थी। उन्हें अपने इलाज के लिए 2 लाख रुपये की और जरूरत थी, जिसके लिए उन्होंने किसी प्राइवेट फाइनैंसियर से 2 लाख रुपये का लोन लिया था। 

- बता दें जब 1982 में कौर सिंह ने एशियाड खेलों में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था, तब पंजाब सरकार ने उन्हें 1 लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की थी। हालांकि आज तक उन्हें यह रकम नहीं मिल पाई है। सरकारें बदल गईं और फिर कौर सिंह की आवाज नौकरशाही के चक्करों में ही कहीं फंस कर दब गई। कौर सिंह कहते हैं कि मुझसे 1 लाख देने का वादा किया गया था, जिसकी कीमत आज करीब 20 लाख रुपये होती।' 

-कौर इन दिनों एक गंभीर किस्म की हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहे हैं। इसके इलाज के लिए उन्हें प्रतिमाह 8 हजार रुपये दवाओं पर खर्च करने पड़ते हैं। कौर कहते हैं, 'यह सिर्फ दवाओं का खर्च है। इसके अलावा डॉक्टर की फीस और अस्पताल जाने का खर्च अलग है।'