मयंक अग्रवाल ने अपने पहले मैच में जड़ा शानदार अर्धशतक, तोडा 71 साल पुराना रिकॉर्ड

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (26 दिसंबर):  ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में खेले जा रहे बॉक्सिंग डे टेस्ट में टीम इंडिया के लिए पहला मैच खेल रहे सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए शानदार हाफ सेंचुरी लगाई। मयंक अग्रवाल इस सीरीज में भारत की ओर से अर्धशतक लगाने वाले पहले ओपनर बन गए। मयंक अग्रवाल की इस पारी के बाद ये तो साबित हो गया है कि वो टेस्ट क्रिकेट खेल सकते हैं। यही नहीं मयंक अग्रवाल अब के एल राहुल का भी विकल्प बन गए हैं जिनकी जगह उन्हें तीसरे टेस्ट में शामिल किया गया था।

मयंक टीम इंडिया के लिए डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में हाफ सेंचुरी लगाने वाले सातवें भारतीय बल्लेबाज हैं इनमें शीर्ष पर शिखर धवन 187 रनों के साथ हैं। मयंक  के अलावा पृथ्वी शॉ के साथ ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने मैच की पहली पारी में यह उपल्ब्दि हासिल की है। वहीं टीम इंडिया के लिए ऑस्ट्रेलिया में डेब्यू फिफ्टी लगाने वाले मयंक दूसरे बल्लेबाज हैं इससे पहले दत्तु फड़कर ने 1947 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में अपने डेब्यू टेस्ट में फिफ्टी लगाई थी। साथ ही  ऑस्ट्रेलिया में पहली पारी में बतौर ओपनर डेब्यू करने वाले पहले बल्लेबाज़ बन गए हैं। जबकि उनसे पहले साल 1947 में आमिर इलाही ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में डेब्यू करते हुए दूसरी इनिंग में पारी की शुरुआत की थी।मयंक ने शानदार चौका लगा कर अपने करियर की पहली हाफ सेंचुरी पूरी की। मयंक ने 6 चौके लगाकर 95 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की। मंयक ने इस पारी में शुरु से ही संवेदनशील बल्लेबाजी की और मौका मिलते ही बड़े शॉट्स लगाए। लंच तक मयंक ने केवल 34 रन लगाए थे. इसके बाद दूसरे सत्र में तीन चौके लगाए। इनमें से आखिरी दो चौके एक ही ओवर में लगे जिससे मयंक का स्कोर 44 से 52 हो गया। हालाँकि टी से ठीक पहले मयंक 76 रनों की शानदार पारी खेल कर पेट कमिंस की गेंद पर कैच आउट हो गए।

27 साल के मयंक लंबे समय से टीम इंडिया में जगह पाने का इंतजार कर रहे थे। पिछले दो साल से घरेलू सत्र में उनका शानदार प्रदर्शन रहा था, लेकिन उन्हें टीम इंडिया में मौका नहीं मिल सका था। इस सीरीज में भी पहले दो टेस्ट में खेली सलामी जोड़ी मुरली विजय व केएल राहुल के नाकाम रहने और पृथ्वी शॉ के चोटिल होने के बाद उन्हें मौका मिला।मयंक अग्रवाल को टीम में जगह मिलने की वजह सिर्फ के एल राहुल, मुरली विजय का फेल होना और पृथ्वी शॉ का चोटिल होना नहीं रहा।  मयंक अग्रवाल ने पिछले रणजी सीजन में 13 पारियां खेलने के बाद 105.45 की औसत से 1160 रन बनाए थे, जिसमें एक तिहरे शतक सहित 5 शतक और 2 अर्धशतक शामिल थे.मयंक अग्रवाल ने विजय हजारे ट्रॉफी 2018 में भी 8 पारियों में 90.37 की औसत और 107.91 की स्ट्राइक रेट से 723 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 4 अर्धशतक शामिल रहे।