जानिए, बीफ बैन का चमड़ा कारोबार पर क्या हुआ असर?

नई दिल्ली (20 जुलाई): मार्च 2015 से जब से देश में बीफ को लेकर विवाद शुरू हुआ है। देश के चमड़ा कारोबार काफी गहरा असर पड़ा है। इसी उद्योग से जुड़े कुछ आंकड़े आइए आपको बताते हैं, कि विवाद का असर कितना है। 

- 2015-15 में बोबिन मीट का एक्सपोर्ट गिरकर 4 अरब डॉलर रह गया। जो कि 2014-15 में 4.78 अरब डॉलर रहा। जबकि, 2013-14 में यह 4.35 अरब डॉलर था। - अप्रैल-फरवरी में भैंस के मीट का एक्सपोर्ट भी 15 फीसदी गिरा है। जो पिछले साल की तुलना में 4.41 अरब डॉलर से गिरकर 3.74 अरब डॉलर रह गया है। - दुनिया का दूसरा बड़ा चमड़ा निर्यातक हिंदुस्तान।  - चमड़ा कारोबार से देश के 25 लाख जुड़े हैं। - महाराष्ट्र में ही 1.5 लाख लोग चमड़ा कारोबार से जुड़े हैं। - बीफ बैन का सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र में पड़ा। - 90% चमड़ा कारोबार ठप हुआ है। - कानपुर का चमड़ा कारोबार 51% कम हुआ है। - कानपुर की 90 बड़ी चमड़ा फैक्ट्रियां बंद हुईं। - हिंदुस्तान चमड़ा निर्यात करीब 10% कम हुआ है। - बीफ निर्यात करीब 15% गिरा है। - इस कारोबार में सबसे ज्यादा मुस्लिम और दलित जुड़े हैं। - करीब 8 लाख दलितों की रोजी-रोटी चमड़ा कारोबार से चलती है।