इस छोटे से देश ने चीनी धमकियों का दिया ऐसा जवाब की ड्रैगन के उड़े होश

नई दिल्ली (20 अगस्त): भूमाफिया चीन की विस्तारवादी नीति से पाकिस्तान को छोड़कर दुनिया का तमाम बाकी देश वाकिफ हैं। लिहाजा किसी भी देश को चालबाज चीन पर एतवार नहीं है। इसी कड़ी में दुनियाभर को दादागिरी दिखाने वाले चीन को बोत्सवाना ने करारा जवाब दिया है। बोत्सवाना के राष्ट्रपति इयान खामा ने दो टूक कहा है कि उनका देश चीन का गुलाम नहीं है। उन्होंने कहा कि हम चीन की धमकियों से हम नहीं डरते और बोत्सवाना चीन की कॉलोनी नहीं है।

दरअसल चीन आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के प्रस्तावित दौरे के लेकर बोत्सवाना को राजनीतिक और कूटनीतिक परिणाम भुगतने की धमकी दे रहा था। दलाई लामा 17-19 अगस्त तक बोत्सवाना की राजधानी गेबोरोनी के दौरे पर जाने वाले थे। दलाई लामा का ये दौरा निजी बताया गया, इसके बावजूद चीन इस दौरे का विरोध कर रहा था.

हालांकि दलाई लामा का ये दौरा बाद में रद्द हो गया, जिसके बाद चीन ने कहा है कि उसके बोत्सवाना के साथ संबंध बेहतर तरीके से आगे बढ़ते रहेंगे। वह बोत्सवाना के साथ अपने संबंधों को अधिक महत्व देता है। दलाई लामा ने थकावट की वजह से बोत्सवाना का दौरा रद्द किया।

राष्ट्रपति इयान खामा ने कहा कि उन्होंने तरह-तरह की धमकियां दी, चीन अपना राजदूत वापस बुला लेगा, दोनों देश के बीच रिश्ते खराब हो जाएंगे, चीन दूसरे अफ्रीकी देशों की मदद से बोत्सवाना को अलग-थलग कर देगा। दलाई लामा पर खामा ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि उनकी सेहत जल्द ठीक होगी और फिर उनका बोत्सवाना में स्वागत है, वे यहां आएं और घूमें।