कौटिल्य और लिंकन दोनों की खूबियां थीं सरदार वल्लभ भाई पटेल में

नई दिल्ली (31 अक्टूबर): भारत के देश भक्तों में सरदार वल्लभभाई पटेल एक अमूल्य रत्न थे। सरदार पटेल तन, मन, कर्म और वचन से एक सच्चे देश भक्त थे। अगर हम सरदार पटेल को आधुनिक भारत का शिल्पी कहा जाये तो यह गलत नही होगा क्योकि वे मृदुभाषी के साथ-साथ अनुशासनप्रिय, कर्मठ और बाहर से कठोर व्यक्तित्व के कुशल संगठक थे। उनमें कौटिल्य जैसी नीति और अब्राहम लिंकन जैसी राष्ट्रीय एकता की अटूट निष्ठा थी।

आज हम जिस भारत को अखण्ड रूप में देख रहे है उसकी कल्पना सरदार पटेल के बिना शायद ही पूरी हो पाती। क्योकि, जब अंग्रेज इस देश से गये तो जाते-जाते ऐसे हालात बना गये जिससे इस देश के 500 से भी ज्यादा टुकड़े होने निश्चित थे। लेकिन सरदार पटेल ने अपनी सूझ-बुझ, दृढ़ संकल्प और दूरदर्शिता की शक्ति से भारत को खंडित होने से बचा लिया जिस कारण देशवासियों ने सरदार पटेल को भारत के ”लौह पुरुष” का नाम दिया।