सरहद की बंद चौकियां खुलेंगी, हथियारों से होंगी अपग्रेड

केजे श्रीवत्सन, जयपुर (24 सितंबर): सीमाओं से देश में नापाक इरादों के साथ घुसने वाले आतंकियों और देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब सरहद पर बंद चौकियों को वापिस खोलने की कवायद शुरू कर दी गई हैं। राजस्थान की 7 साल से बंद 24 सीमा चौकियों में से बीकानेर की 2 बंद पड़ी चौकियों के साथ एक नई चोकी को खोलने की कवायद कर ली गई है।

जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद अब राजस्थान की भारत-पाकिस्तान बॉर्डर सीमा पर अवांछित गतिविधियों में लगातार हो रहो बढ़ोतरी के बाद अब लंबे समय से बंद सीआईडी और बॉर्डर इंटेलिजेंस चौकियों को खोलने की कवायद शुरू कर दी गई है। बीकानेर जिले में बॉर्डर इंटेलिजेंस की चार चौकियां थी, जिनमे से 2 लंबे समय पहले ही बंद कर दी गई थी। रणजीतपुरा और पूगल की दंतौर चौकियों को लेकर रिपोर्ट बनाई गई है। पुलिस मुख्यालय एडीजे कानून व्यवस्था ने चौकियों को लेकर रिपोर्ट मांगी थी, उसके बाद से उन बंद चौकियों को पुनः खोलने की कवायद की जा चुकी है।

बॉर्डर से सट्टी इन चौकियों को न सिर्फ खोलने की तैयारी है, बल्कि इन्हें पहले से कई हाईटेक भी करने की बात सामने निकल कर आई है। सीमावर्ती इलाको में बने तमाम थानों को भी हर तरह से सुदृढ़ किया गया है। बॉर्डर पर बने थानो में नए मोर्चे और तारबंदी, आधुनिक ak47, मोर्टाज जैसे हथियार दिए गए है। वहीं बीकानेर के पुलिस अधीक्षक डॉ अमनदीप सिंह कपूर से बताया की सीमावर्ती क्षेत्रो में बॉर्डर इंटेलिजेंस की पोस्ट है। एडीजे पुलिस मुख्यालय ने बॉर्डर सुरक्षा को लेकर बंद और चालू चौकियों की रिपोर्ट मांगी थी, इस सम्बन्ध में बॉर्डर इंटेलिजेंस के अधिकारियो से हमने जानकारी मांगी है और कवायद शुरू कर दी है।

वहीं एसपी अमन डीप ने बताया कि बॉर्डर पर पूर्व में जिले में खाजूवाला, बज्जू, पूगल और राजीतपुर में बॉर्डर इंटेलिजेन्स चौकियां थी, इनमें से अब खाजूवाला और बज्जू ही चालू है।अब बंद चौकियों फिर से चालू करने के साथ दांतोर में नई चोकी का प्रस्ताव पुलिस को भेजा गया है।