'फिलिस्तीन-अरब क्षेत्र कभी हिंदू ज़मीन था, जीसस को जड़ी-बूटियों से दोबारा जीवित किया गया'

मुंबई (27 फरवरी) :  हिंदू विचारक वी डी सावरकर के बड़े भाई गणेश सावरकर की विवादित किताब को यहां शुक्रवार को रीलॉन्च किया गया। इस किताब को पहली बार 70 साल पहले प्रकाशित किया गया था। इस किताब में ईसाई धर्म के हिंदू धर्म से ही उभरने और जीसस क्राइस्ट के तमिल हिंदू होने का दावा किया गया है। ये भी दावा किया गया कि जीसस क्राइस्ट ने कश्मीर में समाधि ली थी। किताब में ये दावा भी किया गया कि फिलिस्तीन और अरब क्षेत्र कभी हिंदू ज़मीन था।  

'डीएनए' की रिपोर्ट के मुताबिक किताब को स्वतंत्र्यावीर सावरकर नेशनल मेमोरियल ने दादर में शुक्रवार शाम को रीलॉन्च किया। ईसाई संगठनों ने इस किताब के विरोध में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी। अल्फा ओमेगा क्रिश्चियन महासंघ ने किताब की लॉन्च वाली जगह के बाहर काले झंडे लेकर प्रदर्शन करने का आह्वान किया था लेकिन ऐसा कोई प्रदर्शन नहीं देखा गया।

वी डी सावरकर की पुण्यतिथि पर गणेश सावरकर की किताब के रीलॉन्च का आयोजन स्वतंत्र्यावीर सावरकर नेशनल मेमोरियल ने किया। ये ट्रस्ट सावरकर बंधुओं के साहित्य और विचारों को संरक्षित करने के साथ उनका प्रचार-प्रसार करता है। किताब को प्रसिद्ध इतिहासविद पांडुरंग बालकावाडे ने जारी किया। इस मौके पर किताब के लेखक गणेश सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने कहा कि इस किताब को पढ़ने के बाद ईसाई इस पर गर्व करेंगे।

1946 में पहली बार प्रकाशित हुई इस किताब में दावा किया गया कि ईसाइयत पहले हिंदू संप्रदाय ही थी और जीसस ने कश्मीर में समाधि ली थी। किताब में दावा किया गया है एसेने सम्प्रदाय के लोगों ने सूली पर चढ़े जीसस को हिमालय की जड़ी-बूटियों से दोबारा जीवित किया।

'क्राइस्ट परिचय'  शीर्षक वाली इस मराठी किताब में दावा किया गया है कि जीसस जन्म से 'विश्वकर्मा ब्राह्मण' थे।

किताब में ये भी कहा गया कि फिलिस्तीन और अरब क्षेत्र हिंदू भूमि थी और जीसस क्राइस्ट ने भारत का दौरा किया था और यहां योगा सीखा था। किताब के मुताबिक जीसस का असली नाम केशव कृष्ण था और वे श्याम वर्ण के थे। तमिल उनकी मातृभाषा थी। इस मौके पर गणेश सावरकर की पांच किताबें और लॉन्च किया गया।

बॉम्बे आर्कडायोसिस हेरिटेज म्यूज़ियम के फादर वार्नर डिसूजा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की किताबों से ईसाइयों का विश्वास नहीं हिला सकतीं।