प्राइवेट प्‍लेस में अश्‍लील हरकत करना अपराध नहीं- बॉम्‍बे हाईकोर्ट

मुंबई (20 मार्च): बॉम्‍बे हाई कोर्ट ने निजी जगह पर अश्लील हरकत करने को अपराध के किसी भी श्रेणी से बाहर बताया है। एक मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 13 ऐसे लोगों के खिलाफ केस खारिज कर दिया, जिन पर एक फ्लैट में महिलाओं के साथ अश्‍लील हरकत करने के आरोप थे। 

कोर्ट ने कहा कि निजी जगह पर अश्लील हरकत करना अपराध की श्रेणी में नहीं आता। दरअसल 12 दिसंबर 2015 को एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जिसमें एक जर्नलिस्‍ट ने शिकायत की कि बगल के फ्लैट से काफी तेज संगीत की आवाज आ रही थी। जर्नलिस्‍ट के मुताबिक, घर के अंदर कम कपड़ों में महिलाओं नाच रही थीं और कुछ लोग उन पर रुपए लुटा रहे थे।

इसके बाद पुलिस वहां पहुंची और वहां से छह लड़कियों को कुछ लोगों के साथ पकड़ा था। हालांकि याचिकाकर्ता के एडवोकेट राजेंद्र शिरोडकर ने दलील दी कि फ्लैट को पब्‍लि‍क प्‍लेस नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने इसको माना। कोर्ट ने कहा कि प्राइवेट प्‍लेस में अश्‍लील हरकत करना या इसे देखना आईपीसी की धारा 294 के तहत नहीं आता। फ्लैट किसी प्राइवेट व्‍यक्‍त‍ि के जरिए प्राइवेट इस्‍तेमाल के लिए है। उसे पब्‍ल‍िक प्‍लेस नहीं कहा जा सकता।  

आईपीसी की धारा 294 का मतलब है कि पब्‍ल‍िक प्‍लेस में अश्‍लील हरकत करना या पब्‍लि‍क प्‍लेस में अश्‍लील गाना या शब्‍द बोलना जिससे दूसरों को दिक्‍कत हो।