शनि शिंगणापुर विवाद: बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनाया यह बड़ा फैसला

मुंबई (30 मार्च): बॉम्बे हाईकोर्ट ने शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं की एंट्री और शनि देव की पूजा पर बैन को गलत ठहराते हुए कहा कि उनको मंदिर में जाने से नहीं रोका जा सकता है।

हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने कहा, ''महिलाओं को शनि मंदिर में घुसने से नहीं रोका जा सकता है। पुरुषों के साथ महिलाओं को भी वहां जाने का हक है।'' कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से इस मामले में दो दिन में जवाब मांगा है। सरकार को ऐसी जगहों पर महिलाओं को सिक्युरिटी बढ़ाने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 1 अप्रैल को होगी।

हालांकि 400 साल पुरानी परंपरा के मुताबिक, शनि मंदिर में किसी महिला को शनि देव के चबूतरे पर जाकर तेल चढ़ाने या पूजन करने की इजाजत नहीं है। 29 नबंवर, 2015 को एक महिला के शनिदेव के चबूतरे पर जाकर पूजा करने के बाद काफी विवाद हुआ। शिंगणापुर में पंचायत हुई और मंदिर का शुद्धिकरण हुआ था। वहीं, भूमाता ब्रिगेड और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की मेंबर रंजना गवांदे ने इसे शनि मंदिर में क्रांतिकारी घटना बताकर स्वागत किया था।

मंदिर में शनि महाराज की शिला खुले में रखी गई है। वहां दूर से दर्शन होते हैं। चबूतरे के पास तक सिर्फ पुरुष जा सकते हैं। शनि शिंगणापुर कस्बे के किसी भी घर में दरवाजे (गेट) नहीं हैं। यहां तक कि एक बैंक की ब्रांच में भी ताला नहीं लगता है। शिंगणापुर मंदिर महाराष्ट्र के अहमदनगर में है। जहां हर साल हजारों की संख्या में शनि भक्त दर्शन और पूजा करने के लिए आते हैं।