जानिए, 'उड़ता पंजाब' विवाद पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सेंसर बोर्ड से क्या कहा...

नई दिल्ली (9 जून): श्याम बेनेगल की तरफ से उड़ता पंजाब को समर्थन मिलने के बाद फिल्मनिर्माताओं के लिए एक और खुशी का मौका है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म के लिए 89 कट बताने के पीछे सेंसर बोर्ड को कारण बताने के लिए कहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस एससी धर्माधिकारी ने सेंसर बोर्ड की तरफ से फिल्म को पंजाब विरोधी होने की बात कहने पर मचे हंगामे पर हैरानी जताई। उन्होंने सेंसर बोर्ड से सवाल किया, "क्या ड्रग्स की समस्या को स्क्रीन पर कभी भी नहीं दिखाया गया। कुछ कठोर हो सकते हैं जबकि कुछ रचनात्मक रहे हैं। ये साइनबोर्ड किसी के लिए अपमान कैसे हो सकता है?"

बता दें, बुधवार को उड़ता पंजाब के प्रोड्यूसर्स सेंसर बोर्ड की तरफ से 89 कट्स बताए जाने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट गए थे। सेंसर बोर्ड ने फिल्म को ए सर्टिफिकेट दिया था। जस्टिस ने कहा, "पंजाब के एक जिले मोगा पर एक फिल्म आई थी- मोगा, जो कैंसर टाउन मानी जाती थी। यह कस्बे को नीचा दिखाने के लिए नहीं था, बल्कि मुद्दे की गंभीरता पर चर्चा के लिए थी।"

सेंसर बोर्ड ने मेकर्स को फिल्म के टाइटल से पंजाब हटाए जाने के लिए भी कहा था। क्योंकि यह इसे खराब तरह से दिखाती है। जिसके जवाब में धर्माधिकारी ने कहा, "क्या आप कह रहे हैं कि पंजाब केवल ड्रग्स के लिए जाना जाता है?"

अभिषेक चौबे के निर्देशन में बनी फिल्म के सही कंटेंट के लिए श्याम बेनेगल ने समर्थन किया है। सेंसर बोर्ड के सुधार पैनल के प्रमुख श्याम बेनेगल ने खुद कहा है कि उड़ता पंजाब एक बेहतरीन ढंग से बनाई गई फिल्म है।

श्याम बेनेगल ने एक इंटरव्यू में कहा, "यह बेहतरीन ढ़ंग से बनाई गई फिल्म है। यह एक बेहद गंभीर समस्या पर ध्यान दिलाती है- जो नौजवान लोगों में ड्रग्स के इस्तेमाल से जुड़ी है। अगर हम सावधान नहीं हुए तो ये और भी विकराल हो सकती है। ये सराहनीय पहल है। लेकिन लोग इस फिल्म को गलत समझ रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि यह पंजाब विरोधी फिल्म है। लेकिन मेरे नजरिए में यह पंजाब विरोधी नहीं है।"

अभी तक, इस फिल्म की रिलीज की तारीख 17 जून तय की गई है।