ISIS को जलील करने का ब्रिटिश स्पेशल फोर्सेस का नया हथियार- 'बॉलिवुड म्यूजिक'

नई दिल्ली (1 जून): ब्रिटिश स्पेशल फोर्सेस ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आतंकियों के खिलाफ लीबिया में एक मनोवैज्ञानिक जंग छेड़ने के लिए बॉलिवुड म्यूजिक को अपना हथियार बनाया है। पाकिस्तान में जन्मे खुफिया अधिकारी की सलाह पर फोर्सेस इस म्यूजिक का इस्तेमाल कर रही हैं। इस बात का खुलासा बुधवार को हुआ है।

पाकिस्तान में जन्मे अधिकारी की सलाह पर ऐसा विचार किया गया, कि बॉलिवुड ट्यून्स आईएस में झुंझलाहट पैदा कर सकती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि आईएस इस तरह के म्यूजिक को 'गैर-इस्लामी' मानता है।

'डेली मिरर' को बताया गया, कि ऐसा करना आतंकियों को हतोत्साहित करने के लिए जरूरी था। इसी समय हमें कुछ ऐसे कदम उठाने थे, जिससे इलाके में उनकी ताकत को कमजोर किया जाए। ऐसे में इसपर काम किया जा रहा है और यह विचार काफी सफल हो रहा है।

ब्रिटिश फोर्स के हिस्से के तौर पर ज्वाइंट स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड, लीबियाई सैन्य टुकड़ियों को प्रशिक्षित कर रही है, कि कैसे सिर्ते कस्बे और लीबियाई तट के 185 किलोमीटर के दायरे से आईएस का खात्मा किया जाए।

साइकोलॉजिकल ऑपरेशन्स यूनिट ने आईएस कम्यूनिकेशन्स को इंटरसेप्ट किया, और उन्हें बॉलिवुड चार्ट म्यूजिक के जरिए परेशान करना चालू कर दिया। ऐसा इलाके में लागू शरिया कानून के सख्त खिलाफ था। क्योंकि वहां सभी पश्चिमी और ध्यान भटकाने वाली चीजों पर प्रतिबंध है।

बॉलिवुड गानों को आतंकी संगठन में बड़ा अपमान माना जाता है। ब्रिटिश और लीबियाई सैनिकों ने सिर्ते के पास बॉलिवुड म्यूजिक बजाते हुए दो कारों को भी छोड़ दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नया म्यूजिकल हथियार आतंकियों को हतोत्साहित करने के अलावा इस बात का खुलासा करने में भी मदद कर रहा है, कि वे कहां छिपे हुए हैं। क्योंकि जैसे ही कोई आईएस सदस्य रेडियो पर म्यूजिक को लेकर शिकायत करता है। यह उनकी लोकेशन के बारे में जानकारी दे देता है।

ब्रिटिश स्पेशल फोर्सेस लीबिया में प्रतिरोधक की भूमिका में नहीं हैं। वे वहां की फोर्सेस को ट्रेनिंग दे रही हैं कि किस तरह आईएस का खात्मा किया जाए। स्पेशल बोट सर्विस जो स्पेशल एयर सर्विस की सहयोगी एजेंसी है। वह आईएस पर तभी हमला करेगी अगर उनपर पहले हमला किया जाता है।

*सांकेतिक तस्वीर