पटना: गंगा नदी में पलटी नाव, 21 की मौत, कई अभी भी लापता

नई दिल्ली ( 14 जनवरी ): पटना के एनआईटी घाट के पास गंगा नदी में एक नाव पलट गई। हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई जबकि बचाए गए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिस वक्त ये हादसा हुआ उस वक्त नाव में 40 से ज्यादा लोग सवार थे। जानकारी के मुताबिक नाव में सवार लोग मकर संक्रांति के मौके पर जिला प्रशासन की ओर से आयोजित पतंगबाज़ी महोत्सव में भाग लेने गए थे और शाम को वापस लौटते वक्त गंगा नदी में ये हादसा हो गया।

नाव पलटते ही उसमें सवार लोग नदी में डूबने लगे। ये देख आसपास मौजूद लोग उन्हें बचाने में जुट गए। मौके पर मौजूद एसडीआरएफ़ की टीम भी रबड़ के ट्यूब की मदद से डूब रहे लोगों को बचाने में जुट गई। बताया जा रहा है कि ज्यादा लोगों के सवार होने के वजह से नाव का संतुलन बिगड़ गया और नाव पलट गई। इस हादसे में घायल कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हादसे पर दुख जताया है और घायलों के इलाज में पूरी मदद का भरोसा दिलाया है और पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही मृतकों को चार लाख रुपए मुआवजे के तौर पर देने की बात कही है। 

एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि हादसे में 40 लोगों के डूबने की आशंका है। हालांकि, उन्होंने कहा कि लोगों की माने तो नाव पर करीब 70 लोग थे, लेकिन मुझे अभी इस बात की जानकारी नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि रात के समय कोई इंतजाम नहीं था जिसके कारण राहत बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव एवं जिला प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज के लिये त्वरित कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव श्री प्रत्यय अमृत, पटना के पुलिस उप महानिरीक्षक श्री शालीन एवं जिलाधिकारी पटना श्री संजय कुमार अग्रवाल को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने और इस पूरे प्रकरण की संयुक्त रूप से जांच करने का निर्देष दिया है।

मुख्यमंत्री ने उक्त पदाधिकारियों को निर्देष दिया है कि वे यह भी देखेंगे कि क्या आयोजन था और इसके लिये आयोजक द्वारा क्या समुचित व्यवस्था की गयी थी। उन्होंने जिला प्रषासन को सभी मृतकों के आश्रितों को अविलम्ब अनुग्रह राषि उपलब्ध कराने का निर्देष भी दिया है और दियारा क्षेत्र में सभी आयोजनों को भी रद्द करने का निर्देष दिया है। वो स्वयं सभी संबंधित से बातकर स्थितियों पर नजर बनाये हुये हैं।

बताया जा रहा है कि ये सभी लोग पटना में गंगा के दियारे में मकर संक्रांति के मौके पर जिला प्रशासन की तरफ से आयोजित पतंगबाजी महोत्सव में भाग लेने गए थे। तभी वापस आते समय बोट पाथ वे टूट गया जिससे यह हादसा हो गया। हादसे के पीछे की वजह नाव पर ओवरलोडिंग बताया जा रहा है। नाव पर 40 लोग सवार थे जिससे नाव असंतुलित हो गई और नदी में पलट गई।