जन्म के साथ लोगों ने कहा मार डालो, अब हैं 50 करोड़ की कंपनी के CEO

नई दिल्ली (15 अप्रैल): जन्म से अंधे श्रीकांत को पैदा होते ही मार डालना चाहते थे गांव वाले, लेकिन मां-बाप ने प्यार से पाला और पढ़ाया। यहीं नहीं जब मां-बाप उन्हें लेकर आगे आए तो उनका मनोबल भी बढ़ गया और सरकार से केस लड़े, फिर विदेश में जाकर पढ़ाई पूरी की। श्रीकांत ने पढ़ाई के बाद खुद की कंपनी बनाई और दूसरे विकलांगों को नौकरी देने लगे।

23 साल के श्रीकांत जब पैदा हुए थे तब उनके गांव वालों ने उनके माता-पिता को कहा था कि वो इस बच्चे को मार डालें। जिंदगी भर दुख झेलने से बेहतर होगा किस्सा हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाए। ये किसी काम का बच्चा नहीं है।   श्रीकांत के लिए ऐसी बातें इसलिए हो रही थीं क्योंकि वो जन्म से ही नेत्रहीन थें। लोगों ने कहा कि अंधा पैदा होना एक पाप है इसलिए उसे मार दिया जाना सही है। लेकिन आज वहीं बिन आंख का इंसान, जिसे सब बेकार समझते थे, आज न सिर्फ खुद काम कर रहा है बल्कि कई अपने जैसे लोगों को भी काम दे रहा है।