नेत्रहीन माता-पिता भी देख सकेंगे गर्भ में अपना बच्चा

नई दिल्ली(4 सितंबर): जिन माता-पिता को देखने में परेशानी है या फिर जो नेत्रहीन होने के कारण अपने बच्चों को कभी नहीं देख पाए, उन्हें कितनी तकलीफ होती है इसे समझा जा सकता है। अब ऐसे अभिभावकों की मदद विज्ञान करेगा।

- विज्ञान की एक नई तकनीक के कारण गर्भ में पल रहे भ्रूण की 3D मॉडल्स तस्वीरें ली जा सकेंगी।

- इस तकनीक के कारण माता-पिता बनने जा रहे नेत्रहीन व्यक्ति भी अपने गर्भ में पल रहे बच्चे को देखना का अनुभव कर सकेंगे। 

- यह तकनीक उसी तरह बच्चे की तस्वीर बनाएगी, जिस तरह से अल्ट्रासाउंड स्कैनिंग में गर्भस्थ बच्चा स्क्रीन पर नजर आता है। पोलैंड की एक फर्म ने इस तकनीक का इजाद किया है। ऐसे जोड़े जब 3D अल्ट्रासाउंड जांच कराएंगे, तब वह नेत्रहीन होने के बावजूद गर्भ में पल रहे भ्रूण को देख सकेंगे।

- ये तस्वीरें नॉन-टॉक्सिक बायोप्लास्टिक में प्रिंट किए जाएंगे। फर्म की ओर से बताया गया, 'बास रिलीफ गर्भस्थ बच्चे की असली 3D तस्वीर होगी। बच्चे के साथ-साथ मां के गर्भ को भी तस्वीर में दिखाया जाएगा। हम अजन्मे बच्चे के आकार और असली लंबाई-चौड़ाई का पूरा ध्यान रखते हैं।' यह प्रॉजेक्ट जल्द ही पोलैंड के बाहर भी शुरू किया जाएगा।