PAK में ब्लास्ट 22 की मौत 70 घायल, जानिए आतंकवाद पाकिस्तान के लिए कैसे बना 'भस्मासुर'

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (31 मार्च): घर में सांप पालोगे, तो एक न एक दिन आपको ही डस लेगा। पाकिस्तान ने जिस आतंक के अजगर को पाल-पोस कर बड़ा किया आज वही उसको निगल रहा है। इसी का खौफनाक रूप आज पाकिस्तान में देखने को मिला। शुक्रवार सुबह पेशावर के दक्षिण में कबाइली इलाके कुर्रम एजेंसी के सबसे बड़े शहर पाराचिनार में एक शिया मस्जिद के बाहर आतंकी हमले में 22 लोगों की मौत हो गई और 70 अन्य घायल हो गए। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक धमका पाराचिनार की भीड़-भाड़ वाली नूर मार्किट में शिया मस्जिद के पास इमामबाड़ा में हुआ। पाराचिनार के सांसद साजिद हुसैन के मुताबिक यह फिदायीन हमला था। हमले से पहले मौके पर गोलीबारी की गई उसके बाद मुख्य प्रवेश द्वार के पास हमलावर ने खुद को उडा लियाअखबार के मुताबिक हमले की जिम्मेदारी तालिबान के आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार ने ली है। इस इलाके में 20 जनवरी को भी ऐसा ही आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई थी।


16 फरवरी को हुआ था कराची की मशहूर दरगाह पर हमला- दुनियाभर में मशहूर सूफी संत लाल शाहबाज कलंदर की दरगाह पर गुरुवार शाम बड़ा आतंकी हमला हुआ। हमले में करीब 100 लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि 250 ये ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल थे। जब धमाका हुआ उस समय दरगाह में जलसा चल रहा थी जिसके कारण दरगाह जायरीनों से खचाखच भरी हुई थी। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन ISIS ने ली है। पिछले एक हफ्ते में पाकिस्तान में यह 5वां आतंकी हमला है।


पिछले 12 सालों में 25 से ज्यादा इबादतगाहों पर हो चुके हमले- पाकिस्तान में बढ़ते कट्टरपंथ के कारण 2005 से 25 से अधिक सूफी दरगाह आतंकियों के निशाने पर रही हैं। पिछले साल 12 नवंबर को बलुचिस्तान में शाह नुरानी की दरगाह पर आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 52 लोग मारे गए थे। इसको निशाना तालिबान ने बनाया था। तहरीक-ए-तालिबान जिसको शुरू में आईएसआई ने अफगानिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पाला पोसा वही तालिबान पाकिस्तान की सूफी दरगाहों को निशाना बनाता रहा है। अब पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन ISIS ने भी कदम रख दिया है। ISIS इराक और सीरिया में सूफी संतों की मजारों को निशाना बनाता रहा है। अब वे यही पाकिस्तान में कर रहा है।  ISIS कट्टरपंथी विचारधारा का संगठन है जिसमें सूफीज्म की कोई जगह नहीं है।


पाकिस्तान में इस साल पांचवां बड़ा आतंकी हमला....

    * पाकिस्तान पर इस साल का यह पांचवां सबसे बड़ा आतंकी हमला है।

    * 16 फरवरी को हुआ था कराची की मशहूर दरगाह पर आतंकी हमला।

    * 20 जनवरी को पाकिस्तान के खुर्रम प्रांत में ब्लास्ट में 25 लोग मारे गए थे।

    * 13 फरवरी को लाहौर मॉल रोड ब्लास्ट में 14 लोग मारे गए थे।

    * 15 फरवरी को मोहम्मद एजेंसी में ब्लास्ट में 8 लोग मारे गए थे।

    * 16 फरवरी यानी कल सिंध प्रान्त में ब्लास्ट में 100 लोग मारे गए।

    * पिछले साल अगस्त में क्वेटा के सरकारी अस्पताल में फिदायीन हमला हुआ था।

    * इस हमले में 74 लोगों की मौत हुई और 100 घायल हुए जिसमें ज्यादातर वकील थे।

    * इससे पहले 27 मार्च को लाहौर के गुलशन-ए-इकबाल पार्क में फिदायीन हमला हुआ था।

    * इस हमले में 74 लोगों की मौत हुई, 338 घायल हुए, जिसमें ज्यादातर औरतें और बच्चे थे।


कैसे पाकिस्तान खुद बन रहा है आतंक का शिकार

बलूचिस्तान में 15 साल में 1400 से ज्यादा हमले...

    * बलूचिस्तान में पिछले 10-15 साल में आतंकी हमले बढ़े हैं।

    * पिछले 15 साल में शिया कम्युनिटी को टारगेट करके 1400 से ज्यादा हमले हो चुके हैं।

    * बलूचिस्तान में 13 साल में करीब 38 सुसाइड अटैक हो चुके हैं।

    * क्वेटा शहर में 2016 में 36 आतंकी हमले हुए हैं, इनमें 119 लोगों की मौत हुई।


उत्तरी वजीरिस्तान में पाक सेना ने चला रखा है ऑपरेशन 'जर्ब-ए-अज्ब'...

    * सेना उत्तरी वजीरिस्तान में जून 2014 से ऑपरेशन 'जर्ब-ए-अज्ब'चला रही है।

    * सरकार ने इस ऑपरेशन पर अब तक 190 अरब रुपए खर्च किए हैं।

    * इस ऑपरेशन की इस वजह से 10 लाख लोगों को घर छोड़ने पड़े हैं।

    * इस ऑपरेशन से तालिबान को बड़ा नुकसान पहुंचा है।

    * 19 महीने उसके 3400 से ज्यादा तालीबानी लड़ाके मारे गए हैं।

    * पाकिस्तान आर्मी के भी 500 अफसर और जवान शहीद हैं।

    * इसके अलावा आतंकवादियों के 837 ठिकाने नष्ट किए जा चुके हैं।

    * 253 टन विस्फोटक बरामद किए जा चुके हैं।


तालिबान कर रहा है ऑपरेशन 'जर्ब-ए-अज्ब' के खिलाफ हमला...

    * इसी ऑपरेशन के खिलाफ दिसंबर 2014 में तालिबान ने पेशावर के स्कूल पर हमला किया।

    * जिसमें 141 लोगों समेत 132 मासूम बच्चों की जान चली गई थी।

    * स्कूलों की हिफाजत के लिए 11000 सैनिकों की टुकड़ी तैयार कर दी।

    * लेकिन इतनी बड़ी तैनाती के बावजूद पेशावर की बाचा खान यूनिवर्सिटी पर हमला हो गया।

    * हमले में 22 छात्रों की मौत हुई और 20 छात्र बुरी तरह जख्मी हुए।

    * तहरीक-ए-तालिबान का कहना है कि यह ऑपरेशन 'जर्ब-ए-अज्ब' का बदला है।


पाकिस्तान के मदरसों में पल रहे आतंकवादी...

    * आतंकवाद को बढ़ावा देने में पाक के मदरसे अहम भूमिका निभा रहे हैं।

    * अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने इस साल जनवरी में यूएस सीनेट में यह बात बताई।

    * मर्फी के मुताबिक, 1956 तक पाकिस्तान में 244 मदरसे थे, आज यहां 24,000 मदरसे हैं।

    * सऊदी से आ रहे पैसों का इस्तेमाल पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने में कर रहा है।

    * पाकिस्तान सरकार ने खुद 2015 में 200 मदरसों पर ताला लगाया था।

    * 200 से ज्यादा मदरसों के बैंक खातों पर रोक लगा दी गई थी।

    * बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्‍मद का सरगना मसूद अजहर मदरसा चलाता है।

    * जैश के इस मदरसे में इस समय 500 से ज्‍यादा प्रशिक्षित आतंकी हैं।


आतंकी संगठन जिसे पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में हमले के लिए पाला-पोसा...

  1. 1) तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान
  2. 2) लश्कर-ए-ओमार
  3. 3) सिपाह-ए-सहाबा
  4. 4) तहरीक-ए-जाफेरिया
  5. 5) तहरीक-ए-नफज़-ए-शरियत-ए-मोहम्मद
  6. 6) लश्कर-ए-जांघवी
  7. 7) सिपाह-ए-मोहम्मद पाकिस्तान
  8. 8) जमात-उल-फुकरा
  9. 9) नदीम कमांडो
  10. 10)पॉपूलर फ्रंट फॉर आर्म्ड रेसिसटेंस


आतंकी संगठन जिसे पाकिस्तान के खुफिया एजेंसी ISI भारत में हमले के लिए पाल-पोस रही है...

1) लश्कर-ए-तैयबा

2) जैश-ए-मुहम्मद

3) हरकत उल मुजाहिदीन

4) हरकत उल जेहाद-ए-इस्लामी

5) हिजबुल मुजाहिदीन

6) जम्मू-कश्मीर नेशनल लिबरेशन आर्मी

7) अल बदर

8) जमात उल मुजाहिदीन

9) हरकत उल अंसर

10)लश्कर-ए-जब्बर