मोदी सरकार की बड़ी कामयाबी, पकड़ा 56200000000 का काला धन


नई दिल्ली (31 जुलाई): नोटबंदी के बाद और उससे पहले से ही मोदी सरकार ने काले धन के कुबेरों पर शिकंजा कसना शुरू किया हुआ है। इसी कड़ी में सरकार ने सिर्फ एक साल के अंदर देशभर में 562 करोड़ की ब्लैकमनी जब्त की गई। सरकार की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार, 2015-16 में संदिग्ध लेनदेन, जाली करेंसी, टेरर फंडिंग और विदेशों से गैर-कानूनी फंड ट्रांसफर के 200% ज्यादा केस पकड़े गए। एफआईयू फाइनेंस मिनिस्ट्री की टेक्नीकल इंटेलिजेंस विंग है। ये फाइनेंस से जुड़ी गड़बड़ियों पर नजर रखती है। मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग पर लगाम कसने के लिए इंटेलिजेंस विंग देशभर के बैंकों और फाइनेंस से जुड़ी कंपनियों की मदद लेती है। फाइनेंशियल ईयर 2015-16 में एफआईयू के आंकड़ों में दोगुनी बढ़ोतरी देखी गई।

रिपोर्ट ने कहा गया है कि 2015-16 में कैश ट्रांजैक्शन 80 लाख से बढ़कर 1.6 करोड़ से ज्यादा हो गए। इनमें संदिग्ध लेनदेन की संख्या भी 58,646 से 1,05,973 हो गई। जाली नोटों से जुड़े आंकड़े भी 16% से ज्यादा बढ़े हैं। जबकि विदेशों से फंड ट्रांसफर के मामलों में 850% की बढ़ोतरी सामने आई है। बैंकों और अन्य फाइनेंशियल कंपनियों में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट से जुड़े 21 मामले मिले।

सीबीडीटी ने 155 करोड़ की बेहिसाब इनकम पर कार्रवाई की। ईडी ने 107 करोड़ और डीआरआई (रिवेन्यू इंटेलिजेंस) ने 300 करोड़ की फाइनेंशियल गड़बड़ियों से जुड़े मामलों में एक्शन लिया। कुल 562 करोड़ का कालाधन जब्त हुआ।