को-ऑपरेटिव बैंक में मिले एक हजार संदिग्ध खाते

नई दिल्ली (1 जनवरी): नोटबंदी के बाद काले धन को सफेद करने का जो काम हुआ था, उनको खंगालने में अब जांच एजेंसियां लगी गई है। इसी कड़ी में स्वयं सिद्धा महिला को-ऑपरेटिव बैंक की प्रारंभिक जांच में करीब एक हजार खाते संदिग्ध लग रहे हैं, जिनमें 8 नवंबर के बाद पुराने नोट में राशि जमा की गई।

कुछ खातों से राशि विड्रॉल भी की गई। इन खातों में संदिग्ध राशि 10 करोड़ से ज्यादा की आ रही है।

- सहकारी बैंक से दूसरों बैंकों के बीच भी ट्रांजेक्शन हुआ है।

- आयकर विभाग की जांच में यह भी सामने आया है कि नोटबंदी के बाद कई खाते खोले गए, जिनमें बड़ी मात्रा में राशि जमा की गई।

- आयकर अधिकारी सभी संदिग्ध खाताधारकों का पूरा रिकॉर्ड अपने साथ ले गए हैं। उनकी विस्तृत जांच की जाएगी और खातों में राशि जमा करने-निकालने वालों से अलग से पूछताछ होगी।

- आयकर टीम के जाने के बाद बैंक शनिवार को खुल गया।

- उल्लेखनीय है कि महिला व बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस इस बैंक की संस्थापक सदस्य रही हैं। यह बैंक 1998 में स्थापित किया गया था।