कालेधन वालों की अब नहीं खैर, सरकार ने 37,000 कंपनियों को पहचाना

नई दिल्ली (2 जुलाई): अब फर्जी कंपनियों के द्वारा काले धन को ठिकाने लगाने वालो की खैर नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर चोरी में लगी कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी 37,000 से अधिक कंपनियों की पहचान की जा चुकी है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बाद एक लाख से अधिक कंपनियों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। नोटबंदी के बाद आंकड़ों की तह में जाने से दिखा है कि तीन लाख से अधिक कंपनियां संदिग्ध लेन-देन में लिप्त थीं। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार कालाधन छुपाने में मदद करने वालों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है और वह ऐसे सख्त कदमों के राजनीतिक नफे-नुकसान को लेकर कतई चिंतिंत नहीं हैं।


प्रधानमंत्री मोदी ने चार्टर्ड एकाउंटेंट्स से कहा कि यदि कालाधन रखने वाले किसी को जानते हों तो वे उन्हें आगाह करें कि उन्हें नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने कहा कि कालाधन के खिलाफ सरकार के कदमों का असर स्विटरजरलैंड के बैंकों के ताजा आंकड़ों से स्पष्ट झलक रहा है, वहां जमा भारतीयों का धन घटकर रिकार्ड न्यूनतम स्तर पर आ गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आश्चर्य की बात है कि 2013 में इस तरह का धन तेजी से बढ़ा था। उस समय कांग्रेस नीत संप्रग सरकार सत्‍ता में थी।