सरकार ने पकड़ा 5000000000000 का काला धन, फंसे ऐसे लोग

मनीष कुमार, नई दिल्ली (3 फरवरी): नोटबंदी के दौरान आपने जो भी कैश खाते में जमा करवाया है। उसका सरकार ने हिसाब-किताब शुरू कर दिया है। इनकम टैक्स विभाग ने ऐसे 18 लाख लोगों की पहचान की है, जिनके खातों में 5 लाख रुपये से अधिक की रकम जमा की गई है। इनकम टैक्स की अगली लिस्ट में अब 3 से 5 लाख रुपये जमा करनेवालों की बारी है।

नोटबंदी के दौरान ब्लैकमनी को ठिकाने लगाने वालों ने चाहे जितना दिमाग लगाया हो, लेकिन अब सबकी बत्ती गुल होने वाली है। नोटबंदी के दौरान बैंक खातों में जमा एक-एक नोट का सरकार ने हिसाब करना शुरू कर दिया है।

सरकार ने ऐसे पहली राउंड में ऐसे 18 लाख लोगों की पहचान की है, जिनके खातों में जमा रकम पर शक है। पहली लिस्ट में 5 लाख रुपये से अधिक जमा करने वाले लोग शामिल हैं। इनकम टैक्स विभाग ईमेल और SMS से खातों में जमा रकम के स्त्रोत की जानकारी मांग रहा है।

जिन लोगों को सरकार के रडार ने पहले राउंड में पकड़ा है, उन्हें 10 दिनों के भीतर जवाब देना है। संतोषजनक जवाब देनेवालों को इनकम टैक्स विभाग नोटिस नहीं भेजेगा। इनकम टैक्स विभाग ने ऑनलाइन जवाब दाखिल करने का पूरा इंजताम अपनी वेबसाइट www.incomrtaxindiaefiling.gov.in पर किया है।

सरकार अब एक रुपये की बेइमानी भी बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। इसीलिए हिंदुस्तान के हर आदमी का खाता अब इनकम टैक्स विभाग की रडार पर है।

इनकम टैक्स विभाग के रडार पर दूसरे राउंड में वो खाते हैं, जिसमें 9 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच 3 लाख से 5 लाख रुपये के बीच की रकम जमा हुई है।

- रडार पर वो खाते भी हैं, जिनमें लंबे समय से लेनदेन नहीं हो रहा था। लेकिन नोटबंदी के दौरान अचानक 1 लाख या इससे ज्यादा के पुराने नोट जमा कराए गए।

- वो जनधन या नाबालिगों के खाते, जिनमें 50 हजार तक या उससे ज्यादा के पुराने नोट जमा कराए गए।

- पुराने नोटों से जिसने भी 1 लाख या इससे ज्यादा को लोन चुकाया या फिर बैंक ड्राफ्ट बनवाया।

- पुराने नोटों में 10 हजार रुपए से ज्यादा के बिजली और पानी के बिल जिसने भी जमा कराए अब वो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के रडार पर हैं।

सरकार ने बजट में भी अपना इरादा साफ कर दिया है कि किसी भी कीमत एक रुपये की हेराफेरी या टैक्स चोरी बर्दाश्त नहीं करेगी।