बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी को दिखाए काले झंडे

लखनऊ (18 फरवरी): राहुल गांधी को लखनऊ में बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जेएनयू मामले को लेकर काले झंडे दिखाए। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों की कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई हो गई। दोनों ओर से एक-दूसरे पर पथराव किया गया।

हालात को कंट्रोल में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके पहले माइनॉरिटी कम्युनिटी ने भी जेएनयू मामले को लेकर प्रदर्शन किया और कांग्रेस वाइस प्रेसिडेंट का पुतला फूंका। राहुल लखनऊ में दलित कॉन्क्लेव में शिरकत करने पहुंचे हैं। कांग्रेस के रिजनल ऑफिस में ये प्रोग्राम हो रहा है, यहां से राहुल रायबरेली होते हुए अमेठी जाएंगे।

दलित कॉन्क्लेव में लोगों को संबोधित करते हुए राहुल बोले कि जो सच्चा कांग्रेसी होता है, उसके दिल में गरीबों का दुख होता है। मैं गरीबों के घर जाता हूं, तो आरएसएस वाले सवाल पूछते हैं। कहते हैं, ये सब ढोंग है। मायावती ने दलितों को आगे नहीं बढ़ाया। हम दलित यूथ को पावर देना चाहते हैं। आप लोग लिखकर रख लीजिए। यूपी में अगली सरकार कांग्रेस की होगी। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस और अंबेडकर की आइडियोलॉजी एक है। आरएसएस की आइडियोलॉजी मनुवादी है। दलितों की जिम्मेदारी है कि वे गांव के यूथ को जोड़ें। हिन्दुस्तान की सरकार ने रोहित वेमुला को इतना कुचला कि उसने सुसाइड कर लिया। सेंट्रल यूनिवर्सिटिज के वीसी की लिस्ट देखिए। सभी के सभी आरएसएस के लोग हैं।

यूपी में अगले साल होने वाले असेंबली इलेक्शन को लेकर राहुल का ये दौरा काफी अहम माना जा रहा है। 2014 के लोकसभा इलेक्शन में मायावती को यूपी में एक भी सीट नहीं मिली थी। माना जा रहा है कि कांग्रेस बीएसपी से कथित तौर पर नाराज दलित वोटरों को अपनी तरफ करना चाहती है। यही वजह है कि राहुल गांधी दलित विकास सम्मेलन के जरिये दलितों को लुभाने की कोशिश करेंगे। इस सम्मेलन में 100 से ज्यादा दलित नेताओं को बुलाया गया है।