अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले का अलर्ट, कश्मीर पहुंचे NSG के ब्लैक कैट कमांडो

न्यूज24 ब्यूरो: आसिफ सुहाफ, श्रीनगर ( 22 जून): कश्मीर घाटी मे इसी महीने 28 जून से शोरो होने वाली अमरनाथ यात्रा के दौरान किसी बी आतंकी हमले से निपटने के लिए NSG कमांडोज़ पुहंचे घाटी पहुंच चुके हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए CRPF के अदिक 30 हज़ार जवान अमरनाथ गुफा को जाने वाले रास्ते पर जगह जगह पर तातनात, यात्रा के बेस केम्प, पवित्र गुफा मे 500 CCTV केमरे लगाए गए है। ड्रोन केमरे की मदद से आसमान से भी रखी जा रही है बाज़ की नज़र। 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार NSG कमांडोज़ सीधे तौर पर यात्रा की सुरक्षा के लिए तैनात नही रहेंगे लेकिन NSG के कमांडोज़ श्रीनगर मे BSF हेडकुआटर पर मोजोद हमेशा अलर्ट रहेंगे और अगर कभी आतंकियो ने यात्रा को निशाना बनाने की हिमाकत या  साज़िश की तो NSG के कमांडोज़ तुरंत हरकत मे आकर यात्रियो की आतंकियो से सुरक्षा करेंगे और आतंकियो को अपने अंजाम तक पुहंचाएंगे।

आपको बता दें कि बुधवार को जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन की घोषणा कर दी गई थी। बीजेपी द्वारा समर्थन वापसी के बाद महबूबी मुफ्ती को मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि हाल में गृह मंत्रालय ने कश्मीर में एनएसजी की तैनाती को अनुमति दी थी। उन्होने बताया कि ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा हो जाने के बाद उनका इस्तेमाल किया जाएगा। उनके मुताबिक एनएसजी को यहां जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधीन रखा जाएगा। जम्मू-कश्मीर पुलिस ही सभी आतंकविरोधी अभियानों की नोडल एजेंसी होती है।आतंकविरोधी अभियानों के एक्सपर्ट्स का मानना है कि रूम टू रूम भिड़ंत की परिस्थितियो में एनएसजी मददगार साबित हो सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एनकाउंटरों के दौरान ऐसी परिस्थिति यदा-कदा ही पैदा होती है, लेकिन सुरक्षा बलों के लिए यह स्थिति हमेशा करो या मरो की ही होती है। कश्मीर में एनएसजी की तैनाती का फैसला भी ऐसी ही परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया। पिछले समय से ऐसे एनकाउंटर्स की ज्यादा संख्या देखने को मिली, जहां आबादी से घिरे घरों में अभियान चलाते वक्त जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ी।एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे में एनएसजी कमांडो की तैनाती से आतंकविरोधी अभियानों को और भी ज्यादा ताकत मिलेगी। एनएसजी कमांडो एमपी 5 सब मशीन गन, स्नाइपर राइफल, दीवार पार देखने की क्षमता वाला रेडार और सी-4 एक्सप्लोसिव का इस्तेमाल करते हैं।