गुजरात चुनाव: आठ फीसदी वोटों की बढ़त के बाद भी BJP की सीटें कम होने की ये है वजह

नई दिल्ली (19 दिसंबर): गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जीत मिली है। गुजरात में बीजेपी जहां छठीबार सरकार बनाने जा रही है। वहीं बीजेपी ने कांग्रेस को भारी अंतर से हरा हिमाचल प्रदेश पर कब्जा कर लिया। इन दोनों जीत से बीजेपी के साथ-साथ प्रधानमंत्री मोदी बेहद ही उत्साहित और खुश नजर आए, लेकिन लेकिन इस बार पार्टी के सीटों का आंकड़ा दहाई के अंकों में ही रह गया। जिस राज्य में मुख्यतः 2 पार्टियों में ही मुकबला हो, वहां वोटशेयर में 2-3 फीसदी के अंतर से भी एकतरफा परिणाम आ जाते हैं। लेकिन गुजरात में कांग्रेस पर करीब 8 प्रतिशत वोटों की बढ़त के बावजूद बीजेपी 99 सीटों पर ही जीत हासिल कर सकी।

2 सीटों पर एक लाख से ज्यादा अंतर से जीत 

अहमदाबाद जिले में स्थित घटलोडिया सीट से बीजेपी उम्मीदवार भूपेंद्र भाई रजनीकांत पटेल ने इस बार सबसे बड़े अंतर से जीत से रेकॉर्ड बनाया है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के शशिकांत पटेल को 1,17,750 वोटों के विशाल अंतर से हराया। पिछली बार भी बीजेपी यहां से एक लाख से ज्यादा के अंतर से जीती थी। 

इसी तरह सूरत की चोरयासी सीट से भी बीजेपी उम्मीदवार ने एक लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से चुनाव जीता। यहां से जनखाना हितेश कुमार पटेल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के योगेश भगवान पटेल को 1,10,819 वोटों के अंतर से हराया। पिछली बार यहां से बीजेपी ने 50 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से चुनाव जीता था। 

35 सीटों पर बीजेपी का जीत का अंतर 40,000 से ज्यादा  घटलोडिया और चोरयासी समेत कुल 35 सीटों पर बीजेपी उम्मीदवारों ने 40 हजार वोटों से ज्यादा के अंतर से जीत हासिल की है। ये सीटे हैं- अकोटा, अमरायवाडी, अंकलेश्वर, असारवा, चोरयासी, डस्क्रोई, देवगढ़ बरिया, एलिसब्रिज, गांडेवी, घाटलोडिया, हलोल, जामनगर नॉर्थ, कलोल (127 नंबर), कटरा ग्राम, मजुरा, मंगरोल, मणिनगर, मंजालपुर, नारनपुरा, नरौदा, नवसारी, ओलपाड, पार्डी, राजकोट साउथ, राजकोट वेस्ट, साबरमती, सावली, सयाजीगंज, शेहरा, सूरत वेस्ट, उधना, अंबरगांव, वडोडरा सिटी, वलसाड और वाटवा। 

सिर्फ मांडवी से कांग्रेस को मिली 40 हजार से ज्यादा अंतर से जीत  कांग्रेस से सिर्फ एक उम्मीदवार ही 40 हजार से ज्यादा के अंतर से जीत दर्ज कर सका। मांडवी (157 नंबर सीट) से कांग्रेस के चौधरी आनंदभाई मोहनभाई ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के प्रवीणभाई मर्जीभाई चौधरी को 50,776 वोटों के अंतर से हराया। 

छोटू भाई वसावा ने भी दर्ज की बड़े अंतर से जीत  झगाड़िया विधानसभा सीट से आदिवासी नेता छोटूभाई अमरसिंह वसावा ने बीजेपी उम्मीदवार रावजीभाई ईश्वरभाई वसावा को 48,948 मतों के अंतर से हराया। छोटू भाई वसावा ने पिछली बार जेडीयू के टिकट से चुनाव जीता था, लेकिन बीजेपी से जेडीयू के गठबंधन के बाद उन्होंने भारतीय ट्राइबल पार्टी नाम से अलग दल बना लिया। छोटू भाई वसावा ने कांग्रेस के दिग्गज नेता अहमद पटेल को राज्यसभा में पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाई थी। 

बीजेपी की जीत के बाद जहां पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने इसे वंशवाद और जातिवाद की हार बताया है वहीं कई सीटों पर कांग्रेस की ओर से पार्टी को मिली टक्कर पर विपक्षियों के चेहरे भी खिले हुए हैं। गुजरात चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद कई प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने इसी आशय से अपनी प्रतिक्रिया भी दी है।

गुजरात चुनाव के परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने ट्विटर पर लिखा 'मैं गुजरात की जनता को इस संतुलित जनादेश के लिए धन्यवाद देती हूं। यह बीजेपी अस्थायी जीत लेकिन नैतिक हार है। गुजरात ने अत्याचार, डर और आम लोगों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ मतदान किया है और 2019 के चुनाव के लिए बिल्ली के गले में घंटी बांध दी है'।