असम की राजनीतिक पिच पर इस चेहरे ने कांग्रेस को किया बोल्ड

नई दिल्ली (19 मई): असम में बीजेपी ने 15 साल से खड़े कांग्रेस के किले ढ़हाकर इतिहास रच दिया है। बीजेपी की यह जीत कई मायने में अहम है। यह पहली बार है जब बीजेपी असम में सरकार बनाने जा रही है। इस ऐतिहासिक जीत का पूरा श्रेय एक ऐसे नाम को जाता है जो अभी तक पर्दे के पीछे था।

यह चेहरा इतना प्रभावी था कि बीजेपी को पहले सीएम कैंडिडेट न घोषित करने वाली अपनी रणनीति को बदलना पड़ा और असम में सर्बानंद सोनोवाल को सीएम कैंडिडेट के रूप में उतारा। बीजेपी का यह पैंतरा काम आया और भारी बहुमत से जीत हासिल करते हुए कांग्रेस का सफाया कर दिया। सोनोवाल ने महज पांच साल पहले पार्टी को ज्वाइन किया था।

कौन है सर्बानंद सोनोवाल  > सर्बानंद सोनोवाल का जन्म 31 अक्टूबर 1962 को हुआ था। डिब्रूगढ़ यूनिवर्सिटी से पढ़ाई सोनोवाल ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1992 से की थी।  > 1992 से 1999 तक को ऑल आसाम स्टूडेंट यूनियन के प्रेसिडेंट भी रहे।  > सोनोवाल ने असम गण परिषद ज्वाइन किया और 2001 में विधायक चुने गए।  > 2004 में पहली बार डिब्रूगढ़ से सांसद बने और पूर्व केंद्रीय मंत्री पबन सिंह घाटोवर को हराकर वो लोकसभा में पहुंचे थे। > 2011 में बीजेपी की सदस्यता ले ली। > 2012 और 2014 में दो बार असम बीजेपी के अध्यक्ष रहे। > मोरान से विधायक और बाद में डिब्रुगढ़ और लखीमपुर से सांसद रह चुके हैं। > मोदी सरकार में खेल मंत्रालय संभाल रहे सोनोवाल फुटबॉल और बैडमिंटन के खिलाड़ी भी रहे हैं। > सर्बानंद सोनोवाल ने शादी नहीं की।