राजनाथ या योगी, किसके सिर होगा UP का ताज ?

नई दिल्ली (11 मार्च):  उत्तर प्रदेश में बीजेपी को ऐतिहासिक जीत मिली है। सूबे की जनता ने पीएम मोदी के नाम पर बीजेपी को अपना जनादेश दिया है। बीजेपी ने सूबे में अपना मुख्यमंत्री के पद का कोई चेहरा नहीं पेश किया था। लिहाजा अब पीएम मोदी और अमित शाह के सामने मुख्यमंत्री के चयन की बड़ी जिम्मेदारी है। बताया जा रहा है कि बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में इसका फैसला लिया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले पीएम मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में भी अपना मुख्यमंत्री का चेहरा पेश नहीं किया था और जीत के बाद बीजेपी ने तीनों जगहों पर ऐसे नेता को मुख्यमंत्री बनाया जो बहुत चिर परिचित चेहरा नहीं था। लेकिन इससे पहले उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। कुछ ऐसे चेहरे हैं जिन्हें मुख्यमंत्री का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

- उत्तर प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री के रेस में सबसे पहला नाम गृहमंत्री राजनाथ सिंह का आ रहा है। हालांकि राजनाथ सिंह पहले ही साफ कर चुके हैं कि वो 11 मार्च के बाद भी गृहमंत्री ही रहेंगे। मुख्यमंत्री के रूप में उनका अनुभव और किसी दूसरे के नाम पर सहमति नहीं बनने की स्थिति में राजनाथ पीएम मोदी के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

- इस रेस में पार्टी के फायर ब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ दूसरे नंबर पर चल रहे हैं। योगी आदित्यानाथ BJP के बड़े जमीनी नेता हैं और गोरखपुर व आसपास के जिलों में इनका जबर्दस्त दबदबा भी है। लेकिन योगी आदित्यनाथ के साथ उनके कड़े तेवर आड़े आ सकता है। पीएम मोदी और अमित शाह ऐसे किसी नेता को UP की कमान नहीं देना चाहेंगे जो बाद में उनकी बातों की अवहेलना करे।

- इस रेस में तीसरे नंबर पर प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का नाम आ रहा है। केशव प्रसाद मौर्य अति पिछड़ा वर्ग से आते हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच इनकी अच्छी पैठ है और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के काफी करीब हैं और इसका भी फायदा उन्हें मिल सकता है।

- इस रेस में केंद्रीय मंत्री और गाजीपुर से सांसद मनोज सिन्हा के नाम पर भी चर्चा जोरों पर है। मनोज सिन्हा सवर्णों के प्रतिनिधि के तौर पर देखे जाते हैं और  पीएम मोदी के साथ-साथ अमित शाह के भी करीबी हैं।

- बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री और प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा भी मुख्यमंत्री के रेस में बताए जा रहे हैं। बीजेपी ने उन्हें मथुरा से टिकट देकर एक मजबूत दांव खेला था। श्रीकांत शर्मा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के बेहद करीबी माने जाते हैं।

- इधर लखनऊ के मेयर और BJP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा के नामों की भी चर्चा जोरों पर हैं। जातीय समीकरण के हिसाब से दिनेश शर्मा सवर्णों जाति से आते हैं। दिनेश शर्मा गुजरात के प्रभारी हैं लिहाजा मोदी और अमित शाह के साथ उनके संबंध भी अच्छे हैं।