नोटबंदी का नहीं सियासी पार्टियों पर असर, इस पार्टी ने चुनाव प्रचार से लिए खरीदी 1650 बाइकें

लखनऊ (15 दिसंबर): नोटबंदी के बाद से देशभर में कैश क्रंच है। तकरीबन 36-37 दिनों से नगदी की कमी से भारी तादाद में लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इस नोटबंदी का असर सियासी पार्टियों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। लेकिन इसके उलट बीजेपी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए एक साथ 1650 बाइकें खरीदी है।

इन 1650 बाइकों के जरिए बीजेपी के कार्यकर्ता जल्द ही विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार शुरू करेंगे और पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले का महिमा मंडन करेंगे। कांग्रेस, एसपी और बीएसपी की खामियां गिनाएंगे। परिवर्तन यात्राओं से इतर यह बाइकें अलग-अलग क्षेत्रों में बूथ तक पहुंचेंगी। 

इस अभियान का नाम 'कमल संदेश' रखा गया है। 18 दिसंबर को प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य इन बाइकों का वितरण करेंगे। क्षेत्रों के हिसाब से इन बाइकों का आवंटन किया जाएगा। हर विधानसभा में 4 बाइकें उपलब्ध कराईं जाएंगी।

रजिस्ट्रेशन चार्ज सहित बाइक की कीमत लगभग 40,000 रुपये है। मसलन गोरखपुर क्षेत्र में करीब 190 बाइकों का पंजीकरण दिसंबर के पहले सप्ताह में आरटीओ ऑफिस में हुआ है। लखनऊ में भी 200 से अधिक बाइकें खरीदी गई हैं। हालांकि सभी का भुगतान चेक के जरिए किया गया है।

बीजेपी की ओर से सफेद रंग की कमल के स्टीकर वाली इन बाइकों की खरीद पर सियासत भी शुरू हो गई है। बीजेपी इसे भले ही पूर्व निर्धारित चुनावी रणनीति का हिस्सा बता रही हो, लेकिन विपक्षी दलों ने पार्टी पर कालाधन सफेद करने के आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं। वहीं कांग्रेस के कम्यूनिकेशन सेल के चेयरमैन सत्यदेव त्रिपाठी ने पेमेंट मोड के जांच की मांग की है। उनका कहना है कि हालात तो यही कहते हैं कि बीजेपी ने अपने लोगों को पहले ही बता दिया था कि वह नोटबंदी करने जा रही है।