महाराष्ट्र सरकार के 3 साल पूरे होने पर शिवसेना का बीजेपी पर बड़ा हमला

मुंबई(31 अक्टूबर): महाराष्ट्र की बीजेपी-शिवसेना सरकार को 3 साल पूरे हो गए। इस मौके पर शिवसेना ने सीएम फडणवीस पर निशाना साधा है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के एडिटोरियल में फडणवीस पर शिवसेना को बदनाम करने का आरोप लगाया। 

-लेख में लिखा, "उन्होंने (सीएम ने) जो किया, उनके कर्मों का फल महाराष्ट्र की जनता भोग रही है। फिर भी हम देवेंद्र को शुभकामनाएं दे रहे हैं। ठीक लगे तो देख लो, नहीं तो छोड़ दो। समझने वालों को इशारा काफी है।" 

- फडणवीस ने एक प्रोग्राम में कहा था कि शिवसेना विकास में रोड़े अटका रही है। 

- सामना में लिखा है, "मुख्यमंत्री ने लाखों रुपए खर्च कर बड़े-बड़े इंटरव्यू दिए। उनमें सरकारी नीतियों और भविष्य के दृष्टिकोण को स्पष्ट करने की जगह शिवसेना पर तंज कसा गया।"

- शिवसेना ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की जनता के मन में सरकार के प्रति अविश्वास और बेचैनी है। राज्य की जनता सुखी नहीं है और सीएम ने विकास न होने का ठीकरा शिवसेना पर फोड़ा है। 

- "शिवसेना ने विकास में रोड़ा डाला, ऐसा मुख्यमंत्री कहते हैं। तो जब शिवसेना विकास में रोड़ा डाल रही थी तब मुख्यमंत्री के तौर पर आप क्या कर रहे थे। राज्य के विकास में रोड़ा डालने वाले कोई भी हो मुख्यमंत्री को उनकी परछाई के पास भी नहीं फटकना चाहिए।"

- एनसीपी से साठगांठ का आरोप लगते हुए एडिटोरियल में लिखा गया, "पूर्ववर्ती सरकार ने महाराष्ट्र के विकास में रोड़ा अटकाया। पूर्व सरकार भ्रष्ट और नाकाबिल थी। उनसे कुछ भला होगा, यह उम्मीद जनता को नहीं थी। ऐसी तीसरी सालगिरह पर मुख्यमंत्री ने कहा है। असंवेदनशील नाकाबिल भ्रष्ट लोगों के साथ आपका इन दिनों कैसा गुल-गुल जारी है।" 

- "इन्हीं असंवेदनशील भ्रष्ट नाकाबिल लोगों को मोहरा बनाकर बंद दरवाजों के पीछे और पदों की आड़ में शिवसेना विरोधी साजिश जारी है।" 

- "बंद दरवाजे को बाहर से कड़ी लगाकर अंदर दम घुटने की हिम्मत शिवसेना में है। सरकार को 3 साल पूरे हो गए परंतु शिवसेना के संघर्ष का इतिहास 51 साल का अर्थ भाजपा के जन्म से पहले का है। शिवसेना का यह बड़प्पन सत्ता के जरिए आस्था से नहीं बल्कि स्वाभिमानी और संघर्ष है।"

- सरकार को हर लेवल पर नाकाम बताते हुए शिवसेना ने लिखा, "महाराष्ट्र का किसान गारंटी मूल्य के लिए हड़ताल पर जाता है। किसान आत्महत्या कर रहा है। उनका परिवार उजड़ रहा है। उन्हें कर्ज मुक्त करो और कर्ज मुक्ति की घोषणा कर उन्हें झुनझुना मत दिखाओ। ऐसा बात दमदार तरीके से कहने को मुख्यमंत्री विकास में रोड़ा अटकाना समझते होंगे तो सरकार के सिर में कील ठोकनी ही पड़ेगी।"

- 'सामना' में सरकार पर शिवसेना का नाम बदनाम करने का आरोप लगाते हुए लिखा, "3 सालों में कृषि उद्योग, मूलभूत सुविधाओं का विकास, कौशल विकास, रोजगार, एफडीआई, शिक्षा, महिला और बाल कल्याण, कानून-व्यवस्था इन सभी क्षेत्रों में महाराष्ट्र द्वारा 3 सालों में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने का बयान मुख्यमंत्री ने दिया है। सरकारी निवास पर बैठ कर ऐसे बयान होते ही हैं। अगर यह सब 3 वर्षों से हुआ है तो शिवसेना ने विकास में बाधा डाली या आप किस मुंह से कह रहे हो।"

- आगे संपादकीय में लिखा है,"या तो विकास की एक भी सीट शिवसेना के विरोध के कारण रखी नहीं गई या आप सफेद झूठ बोल रहे हो।"

- शिवसेना ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा,"महाराष्ट्र में जनता के हितों की अनदेखी हो रही है। अब आंख मूंदकर चुप बैठने वालों में से शिवसेना निश्चित ही नहीं है। कल के चुनाव में कौन किसके साथ रहे ये आपका मामला है। शिवसेना नहीं भी हो तब भी सरकार बचाने के लिए सिंचाई घोटाले वालों का समर्थन लेने की आप की तैयारी हो चुकी है।" 

- "राज्य को चमकाने का मौका जनता और शिवसेना ने आपको दिया था। 'कुर्सी पर बैठे इंसान की बजाए उसके खटमल अच्छे' यह कहने की नौबत लोगों पर आई होगी, तो इसके लिए शिवसेना जिम्मेदार नहीं। विकास में रोड़ा अटकाना जैसे बचकानी राजनीति शिवसेना ने कभी नहीं की।" 

- सीएम पर आरोप लगाते हुए अंत में ये लिखा,"उन्होंने जो किया, उनके कर्मों का फल महाराष्ट्र की जनता भोग रही है। फिर भी हम देवेंद्र को शुभकामनाएं दे रहे हैं। ठीक लगे तो देख लो, नहीं तो छोड़ दो। समझने वालों को इशारा काफी है।