ये भनक लगते ही मोदी-शाह ने तुरंत तोड़ लिया PDP से नाता

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21 जून): जम्मू-कश्मीर में अचानक से पीडीपी से अलग होने का ऐलान करके बीजेपी ने सभी को चौंका दिया। हालांकि इसके पीछे जो खबर आ रही है, उसे देखकर लगता है कि अगर वह ऐसा नहीं करती तो पीडीपी उसे झटका दे देती।खबर के अनुसार, बीजेपी को पहले से अंदेशा हो गया था कि पीडीपी इस गठबंधन को तोड़ने के फिराक में है और अक्टूबर तक इस बात का ऐलान कर देगी। इस लिहाज से भाजपा ने पहले ही अपना दांव पहले फेंक सभी को चौंका दिया। खबरों के मुताबिक़ भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को संकेत मिल चुके थे कि ऑपरेशन आल आउट के विरोध में मानवाधिकार और मुस्लिमों के हक को मुद्दा बनाकर पीडीपी सितंबर-अक्टूबर तक सरकार गिरा सकती है।बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने तमाम पहलू देखने के बाद देश की अखंडता और राष्ट्रवाद के नाम पर गठबंधन से हटने का फैसला किया। राज्य, खासतौर पर जम्मू में भाजपा-संघ कैडर में नाराजगी की रिपोर्ट शाह को मिली थी। कैडर में ऊर्जा लाने के लिए ऑपरेशन ऑल आउट तेज करने की रणनीति भी तैयार की गई है। रमजान में 300 ऐसे कट्टरपंथियों की लिस्ट बनाई गई है, जो युवाओं को आतंकवाद की ओर धकेल रहे हैं।ऑपरेशन में यूनीफाइड कमांड का मुखिया मुख्यमंत्री होता है। ऐसे में महबूबा मुफ्ती अड़चन बन सकती थीं। यही वजह रही कि भाजपा ने गठबंधन तोड़कर राज्यपाल शासन लागू कराने का फैसला लिया। अगर बीजेपी सितंबर-अक्टूबर में पीडीपी के अलग होने के फैसले के बाद ऑपरेशन ऑलआउट तेज करती तो बर्फबारी की वजह से दिक्कतें आतीं, इसलिए मोदी और योगी ने इसे तुरंत अमल में लाने का फैसला लिया।