दिल्ली-बिहार की गल्ती उ.प्र. में नहीं दोहरायेगी बीजेपी !

अमित कुमार, नई दिल्ली (14 जनवरी): भारतीय जनता पार्टी के भीतरी सूत्रों का कहना है कि बिहार और दिल्ली चुनाव में जो सियासी और रणनीतिक गलती संगठन के नेतृत्व ने की थी उसे उत्तरप्रदेश में नहीं दोहराया जायेगा। पार्टी, पीएम मोदी की जरुरत से ज्यादा प्रचार में नहीं झौंकेगी और न ही बाहरी नेताओं को तवज्जोह देगी। यूपी चुनाव से जुड़े बड़े नेता का कहना है कि बिहार और दिल्ली की तरह पीएम मोदी की ताबड़तोड़ रैलिया नहीं कराई जाएंगी। 

पीएम मोदी सात चरण में होने वाले चुनाव के सिर्फ 8 से 10 रैली करेंगे। वैसे भी मोदी पिछले 6 महीनो में परिवर्तन यात्रा समेत यूपी में 8 रैली कर चुके हैं। वही बिहार में पीएम मोदी ने करीब 2 दर्जन तो दिल्ली में 7 जनसभा को संबोधित किया था। ऐसे में पार्टी के भीतर ये सवाल उठने लगा की पार्टी के सबसे बड़े चेहरे को इस तरह चुनाव में झौंकना कितना जायज है। वहीं बिहार और  दिल्ली में बहरी नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी देना भी हार की वजह मानी गयी थी। 

इसलिए पहले असम चुनाव में इस गलती को सुधारा गया और अब यूपी में स्थानीय नेताओं के भरोसे चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी है।

बीजेपी ने यूपी में सकारात्मक मुद्दों उठाने का फैसला किया है। साथ ही हिंदुत्व जैसे मुद्दों को पार्टी हवा नहीं देगी और न ही राम मंदिर के मुद्दे को जोर-शोर से उठायेगी। बल्कि बीजेपी चाहेगी की इन मुद्दों को विपक्ष हवा दे और पार्टी सिर्फ विकास के एजेंडे को ही चुनावी मुद्दा बनाये। बीजेपी पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक को जोर शोर से उठायेगी, वहीं प्रचार में नोटेबंदी पर संभल के आगे बढ़ेगी।