रामविलास पासवान ने दी नसीहत, 'अल्पसंख्यकों, दलितों पर जनधारणा में बीजेपी करे बदलाव'


नई दिल्ली ( 19 मार्च ):
पिछले दिनों हुए उपचुनाव में बीजेपी को मिली हार से उसके सहयोगी एलजेपी अध्यक्ष रामविलास पासवान भी परेशान नजर आ रहे हैं। रामविलास पासवान ने बीजेपी को नसीहत देते हुए कहा है कि जिस तरह कांग्रेस सामाजिक समीकरण का ध्यान रखती है उसकी तरह बीजेपी और एनडीए को भी उसका ध्यान रखना चाहिए। 

राम विलास पासवान ने भी बीजेपी की सोच पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि बीजेपी को अल्पसंख्यकों और दलितों को लेकर अपनी जनधारणा में बदलाव की जरूरत है। साथ ही पासवान ने आरोप लगाया कि बीजेपी में कुछ खास लोगों को ज्यादा तवज्जो दी जाती है।

पासवान ने कहा कि 'बीजेपी को अपने बारे में जनधारणा में बदलाव की जरूरत है, खासकर अल्पसंख्यक और दलितों के मामले में। पार्टी में सुशील मोदी, राम कृपाल यादव जैसे वरिष्ठ नेता हैं लेकिन उनकी बातों को लगातार दबाया जाता है। वहीं कुछ लोग हैं जिनकी बातों को ज्यादा तवज्जो मिलती है।'

केंद्रीय मंत्री ने एनडीए नेताओं से सोच समझकर टिप्पणी करने की भी नसीहत दी। उन्होंने कहा, 'एनडीए के नेताओं को टिप्पणी के दौरान बचने और चुनाव के दौरान ज्यादा होशियारी बरतने की जरूरत है।

लगे हाथों रामविलास पासवान ने बीजेपी से अपनी नाराजगी की खबरों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि मेरा इधर-उधर कहीं जाने का सवाल ही नहीं उठता, मैं एनडीए में हूं और आगे भी रहूंगा। एनडीए छोड़ महागठबंधन में जाने वाले दलों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि जाने वाले को कोई नहीं रोक सकता है। लेकिन उनको पछताना पड़ेगा क्योंकि भविष्य में कोई वैकेंसी नहीं होने वाला है। नरेन्द्र मोदी ही अगली बार पीएम होंगे।