भुवनेश्वर में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक, ओडिशा फतह और 2019 पर होगी नजर

नई दिल्ली ( 15 अप्रैल ): भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 15 और 16 अप्रैल को भुवनेश्वर है जिसकी शुरूआत शनिवार से हो जाएगी। यूपी और उत्तराखंड में मिली प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के हौसले बुलंद हैं।


भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को लगता है कि जिन राज्यों में 2019 तक चुनाव होने हैं वहां पर पार्टी को मजबूत करने के लिए पार्टी कई कार्यक्रम उन राज्यों में करने का प्लान बना चुकी है और ओडिशा में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक उसी प्लान का हिस्सा है।


कमजोर जनाधार वाले राज्यों में जीत के बाद अब भाजपा के एजेंडे में उड़ीसा भी आ गया है। शनिवार से भुवनेश्वर में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हो रही है। जहां खुद पीएम मोदी रोड शो करेंगे, यानी की भाजपा ने ओडिशा फतह की तैयारी शुरु कर दी है।


मिशन ओडिशा के लिए कल से भाजपा भुवनेश्नवर में वैचारिक मंथन शुरू कर रही है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह शुक्रवार को एयरपोर्ट पहुंचे तो उनका भव्य स्वागत हुआ क्योंकि बीजेपी ओडिशा में मजबूत भविष्य की तरफ देख रही है।


इससे पहले भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 19 दिसंबर से 21 दिसंबर तक 1997 में भुवनेश्वर में ही हुई थी। दो महीने पहले उड़ीसा नगरपालिका और निकाय के चुनाव में भाजपा को जनता का समर्थन मिला। 2012 के नगर पालिका और निकाय के चुनाव में बीजेपी को 36 सीटें ही मिली थीं। इस साल सम्पन्न हुए चुनाव में भाजपा को 850 सीट में से 306 सीटें मिलीं जिससे भाजपा के हौसले बुलंद हैं। इस चुनाव में बीजेडी को भी 191 सीटों का और कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान हुआ।


अमित शाह को 74 कमल फूलों की माला और 74 फूल देकर स्वागत करने के पीछे ओडिशा बीजेपी के कार्यकर्ताओं की मंशा ये है कि ओडिशा में 147 विधानसभा सीटें है और 74 सीटें बहुमत के लिए चाहिए. मतलब साफ है कि ओडिशा में सरकार बनाने के लिए बीजेपी ने अपनी कमर कस ली है।