वंशवाद की राजनीति पर बोले वरुण- नाम के आगे गांधी नहीं होता तो नहीं बन पाता सांसद

नई दिल्ली(11 नवंबर): बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने वंशवाद की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से सांसद वरुण ने कहा कि मैं फिरोज वरुण गांधी हूं। यदि मेरा सरनेम गांधी नहीं होता, तो क्या मैं 29 साल की उम्र में सांसद बन सकता था? 

- वरुण गांधी ने कहा कि मैं ऐसा भारत देखना चाहता हूं, जहां मेरे वरुण दत्त, वरुण घोष या वरुण खान होने से कोई फर्क न पड़े। सबको बराबर मौके मिलने चाहिए। 

- उन्होंने कहा कि अगर वह गांधी नहीं होते तो 29 वर्ष की उम्र में उन्हें लोकसभा सांसद बनने का मौका नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि इस तरह की संस्कृति व्यवसाय, क्रिकेट और फिल्मों में भी है और इसे खत्म किया जाना चाहिए। 

- उन्होंने कहा, 'हमें सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि हिंदुस्तान का सर्वांगीण स्वरूप उभरे, जहां सभी को समानता और अवसर के लाभ मिलें। उन्होंने कहा कि वह सांसदों का वेतन लगातार बढ़ने के खिलाफ हैं जो सांसद खुद ही बढ़ा लेते हैं। उन्होंने कहा कि सांसदों को खुद से अपना वेतन नहीं बढ़ाना चाहिए।'

- वरुण ने कहा कि सांसद के रूप में वह अपना वेतन नहीं लेते और लोकसभा अध्यक्ष से कहा है कि इसे किसी गैर सरकारी संगठन या जरूरतमंद को दे दें।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं में लोगों का हस्तक्षेप होना चाहिए और जवाबदेही एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी आवश्यक है जिससे भ्रष्टाचार स्वत: कम हो जाएगा।