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'चीनी घुसपैठ नहीं रोकी तो अरुणाचल में बनेगा दूसरा डोकलाम'

एकबार फिर भारतीय सीमा में चीनी घुसपैठ की खबरें आ रही है। अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के बीजेपी सांसद (BJP MP) तापिर गाव (Tapir Gao) दावा किया है कि अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सीमा में चीनी सेना 50 से 60 किलोमीटर अंदर घुस आया है।

Indian Army Dokalam

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (20 नवंबर):  एकबार फिर भारतीय सीमा में चीनी घुसपैठ की खबरें आ रही है। अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के बीजेपी सांसद (BJP MP) तापिर गाव (Tapir Gao) दावा किया है कि अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सीमा में चीनी सेना 50 से 60 किलोमीटर अंदर घुस आया है। लोकसभा में चीनी (China) घुसपैठ (Encroached) का मुद्दा उठाते हुए बीजेपी सांसद तापिर गाव ने कहा कि केंद्र सरकार को अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों की घुसपैठ की घटना को गंभीरता से लेना चाहिए। सरकार को चेतावनी देते हुए तापिर गाव ने कहा कि अगर सुरक्षा एजेंसियां नहीं चेती तो दूसरा डोकलाम (Doklam) हो सकता है।

China Army

अरुणाचल प्रदेश में चीन की ओर से घुसपैठ की खबरों पर चिंता जताते हुए बीजेपी सांसद ने लोकसभा (Lok Sabha) में केंद्र सरकार को चेताते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश में डोकलाम जैसी घटना दोहराई जा सकती है। लिहाजा सरकार को मामले की गंभीरता को समझते हुए वहां की घटनाक्रम पर विचार करना चाहिए। शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए तापिर गाव ने कहा कि मीडिया में अरुणाचल से जुड़े मुद्दों को तरजीह नहीं दी जाती है और देश का नेतृत्व भी इसे नजरअंदाज करता है। साथ ही बीजेपी सांसद तापिर गाव ने  कहा कि पाकिस्तान के साथ जब भी कोई मुद्दा होता है तो हम उस पर चर्चा करते हैं, लेकिन अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में चीन की ओर से घुसपैठ की कोशिशों पर कोई भी चर्चा नहीं कर रहा है। चीनी अतिक्रमण पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि 'कहीं और डोकलाम होगा तो वो अरुणाचल प्रदेश में होगा।' उन्‍होंने दावा किया है कि वह ऐसा कई सालों से कर रहा है अब तक उसने 50 से 60 किमी की जमीन पर अवैध कब्‍जा कर लिया है।

Tapir Gao

आपको बता दें कि 2017 में सिक्‍किम (Sikkim) के पास डोकलाम (Doklam) में भारत और चीन के सैनिकों के बीच 73 दिनों तक तनातनी चलती रही थी। दोनों देशों के सैनिक एक दूसरे के सामने खड़े रहे थे। तब भारत ने चीन को विवादित क्षेत्र में बिल्‍डिंग और रोड बनाने से मना कर दिया था। इसके बाद ये विवाद शुरू हुआ था। भारत के लिए ये कॉरिडोर इसलिए अहम है क्‍योंकि यहीं से भारत नॉर्थ ईस्‍ट के शेष हिस्‍से से जुड़ता है। इसके बाद 28 अगस्‍त 2017 को दोनों देशों ने आपसी सहमति के बाद चीन ने सड़क और बिल्‍डिंग निर्माण कार्य रोक दिया, इसके बाद भारतीय सैनिक भी पीछे हट गए।

(Image Credit: Google)


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