आतंकवाद मानवतावादी शक्तियों को नष्ट कर रहा, एकजुट होने की जरूरत: पीएम मोदी

नई दिल्ली(26 नवंबर): पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए देश को संबोधित किया। 'मन की बात' का ये 38वां संस्करण रहा।  उन्होंने कहा कि मुझे जानकर अच्छा लगता है कि हमारे बच्चे भी देश की समस्याओं को समझते हैं। मोदी ने कहा, "कुछ समय मुझे कर्नाटक के बाल मित्रों के साथ परोक्ष साक्षात्कार को अवसर मिला। बच्चों से एक अखबार ने आग्रह किया कि वे विदेश के मंत्रियों को पत्र लिखें। समाचार पत्र ने उनमें से कई पत्र छापे।"

- "एक बच्चे ने डिजिटल इंडिया का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।" 

- "कलबुर्गी से इरफाना बेगम ने लिखा उनका स्कूल घर से 5 किलोमीटर दूर है। मैं अपने दोस्ते के साथ समय नहीं बिता पाती हूं। लेकिन मुझे अच्छा लगा कि एक समाचार पत्र ने यह पत्र छापे यह पत्र मुझ तक पहुंचे। मुझे इन्हें पढ़ने का अवसर मिला।"  

- मोदी ने कहा, "आज संविधान दिवस है। यह दिन भारत का संविधान सभा के सदस्यों के स्मरण का दिन है। उन्हें संविधान को तैयार करने में तीन साल डिस्कशन किया। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि उन्होंने देश का संविधान बनाने के लिए कितना कड़ा परिश्रम किया होगा। 26 नवंबर, 1949 को संविधान बनकर तैयार हुआ और 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ।" 

- "सभी के प्रति संवेदनशीलता हमारे संविधान की पहचान है। यह हर अमीर-गरीब के हितों की रक्षा करता है।"

- "संविधान निर्माण के लिए कई कमेटियां बनी थीं। इसमें से एक थी ड्राफ्टिंग कमेटी। इसके अध्यक्ष बाबा साहब अंबेडकर थे। हम छह दिसंबर को उनके परिनिर्वाण दिवस पर हमेशा की तरह उन्हें स्मरण करते हैं। 

- "26/11 को यानी संविधान दिवस है, लेकिन देश कैसे भूल सकता है कि नौ साल पहले आतंकियों ने मुंबई पर हमला कर दिया था। जिन्होंने इसमें जान गंवाई देश उन्हें नमन करता है। देश उनके बलिदान को कभी नहीं भूल सकता।"

- "हमारे हजारों निर्दोष लोगों ने आतंकवाद की वजह से जान गंवाई थी। भारत वर्षों पहले जब बहुत ज्यादा इसकी पीड़ा झेल रहा था, तब दुनिया ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन अब सबने इसे स्वीकारा है। आतंकवाद मानवतावादी शक्तियों को नष्ट कर रहा है। ऐसे में इन शक्तियों को एकजुट होने की जरूरत है।"

- "आतंकी हमारी सामाजिक संरचना को कमजोर कर उन्हें छिन्न-भिन्न करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में मानवतावादी शक्तियों को एकजुट होना समय की मांग है।"

- मोदी ने कहा, " 9 दिसंबर को नेवी डे है। हमारी सभ्यता का विकास नदियों के किनारे हुआ। समुद्र और महासागर हमारे गेटवे रहे हैं। 800-900 साल पहले चोल नेवी को देश की सबसे शक्तिशाली नौसेनाओं में से एक माना जाता था। उनकी नेवी का संगम साहित्य में जिक्र है।" 

- "उनकी नौसेना में महिलाएं भी शामिल थीं। वे लड़ाई में शामिल होती थीं। दुनियाभर की नेवी ने चोलों से ही प्रेरणा ली है।"

- "हम जब नौसेना की बात करते हैं तो शिवाजी के योगदान को कैसे भूल सकते हैं।" 

- "समुद्री किलों की सुरक्षा मराठा नेवी करती थी। उनके नौसेनिक किसी भी दुश्मन पर हमला करने में बड़े कुशल थे। कान्होजी आंग्रे को हम कैसे भूल सकते हैं।" 

- "गोवा का मुक्ति संग्राम हो या भारत-पाक युद्ध हो नौसेना का योगदान अविस्मरणीय रहा है।"