सिंधु जल संधि को रद्द करने के विकल्प पर PDP का विरोध

नई दिल्ली(28 सितंबर):  जम्मू और कश्मीर सरकार में बीजेपी की गठबंधन सहयोगी पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने सिंधु जल संधि को रद्द करने या इसमें बदलाव करने का कड़ा विरोध किया है। पीडीपी के वरिष्ठ नेता मुजफ्फर हुसैन बेग ने कहा कि इस संधि के किसी भी उल्लंघन का भारत को भी पाकिस्तान जितना ही नुकसान होगा।

- उनका कहना था कि पाकिस्तान के लिए पानी का प्रवाह सीमित करने के लिए नए बांध बनाने की केंद्र सरकार की योजना से कश्मीर घाटी के डूबने और एक झील में तब्दील होने का जोखिम है।

- बेग ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि सिंधु जल संधि को रद्द करने या इसके उल्लंघन की बात केवल एक गर्म गुब्बारे की तरह है और यह उरी हमले के बाद भारत का जायज गुस्सा दिखाती है। संधि भारत और पाकिस्तान के लिए समान है क्योंकि तीन नदियां भारत में बहती हैं और अन्य तीन पाकिस्तान में। अगर संधि को रद्द किया जाता है तो इससे भारत को भी पाकिस्तान जितना ही नुकसान होगा।'

- उन्होंने पाकिस्तान को पानी का प्रवाह सीमित करने के लिए अधिक बांध बनाने की केंद्र सरकार की योजना पर भी आशंका जताई। उनका कहना है, 'संधि को रद्द करने को लेकर बहुत सी मुश्किलें हैं और अधिक बांध बनाने का विचार ठीक नहीं है। इसके लिए बहुत बड़े बांधों की जरूरत होगी और अगर वे बनाए जाते हैं तो उसके बाद भी कश्मीर घाटी के डूबने और एक झील में बदलने का जोखिम रहेगा।'

- बेग ने कहा कि सिंधु परियोजना को वर्ल्ड बैंक ने शुरू किया था और भारत के लिए इसे बरकरार रखना महत्वपूर्ण है। ऐसा न करने पर भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि पर असर पड़ेगा।