रिश्वतखोरी के आरोप में सीएम योगी ने बीजेपी महिला नेता को करवाया गिरफ्तार

नई दिल्ली(21 अक्टूबर): बीजेपी की एक महिला नेता को भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने करप्शन के खिलाफ अपनी लड़ाई का सबूत दिया है। दरअसल सरिता सिंह ने गोरखपुर में भाजपा महानगर में मंत्री हैं लेकिन रिश्वतखोरी के आरोप के बाद कार्रवाई करते हुए सीएम ने उसके खिलाफ एक्शन का ऑर्डर दे दिया।

-महिला नेता को पुलिस ने गोरखपुर में गोरखनाथ पुल से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

- दरअसल, महिला नेता पर मोबाइल चोरी में पकड़े गए युवक को बचाने के एवज में 50 हजार रुपये लेने का आरोप है। रकम देने के बाद भी युवक जेल गया तो परिजनों ने सीएम से शिकायत कर दी। 

- कूड़ाघाट आवास विकास कालोनी की रहने वाली भारतीय जनता पार्टी महानगर में मंत्री सरिता सिंह पर आरोप है कि उन्होंने मोबाइल छीनने के आरोप में 13 अक्तूबर को कैंट पुलिस द्वारा पकड़े गए हर्षित पाण्डेय को जेल जाने से बचाने का वायदा किया। उन्होंने हर्षित के गिरफ्तार न किए जाने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की। हर्षित की मां रीता पाण्डेय ने बेटे को छुड़ाने के लिए कैंट थाने पहुंची थी जहां उनकी मुलाकात भाजपा नेत्री से हुई थी। भाजपा नेत्री ने रकम की मांग करते हुए छुड़ाने का आश्वासन दिया था। उसी दिन रीता ने पैसे का इंतजाम कर सरिता को रकम दे दी थी। लेकिन उसके बाद भी हर्षित जेल चला गया। हर्षित के परिजन तब रकम वापस मांगने लगे लेकिन सरिता सिंह लौटा नहीं रही थी।

-  शुक्रवार को इसी बात की शिकायत लेकर हर्षित के परिजनों ने अपनी पड़ोसी रिश्तेदार प्रभा पाण्डेय के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर शिकायत की। प्रभा पाण्डेय इलाहीबाग तिवारीपुर की निवासी हैं। 

- मुख्यमंत्री ने तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को इस मामले में कार्रवाई करने के आदेश दिए। उसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने पीड़ित परिवार से लिखित शिकायत लेकर सरिता सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर उनके घर से 50 हजार रुपये की रकम बरामद की।

- सरिता सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420 और 406 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।