ब्रिक्स लोगो पर विवाद, कांग्रेस ने की चुनाव आयोग से शिकायत

नई दिल्ली ( 14 अक्टूबर ): ब्रिक्स के लोगो पर राजनीतिक पार्टियों ने सवाल खड़ा किया है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने कमल के आकार के बने ब्रिक्स के लोगो पर केंद्र सत्ताधारी पार्टी भाजपा से सवला पूछा है। इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच सियासी तलवार खिंच गई है। कांग्रेस ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए 'कमल' के प्रतीक चिन्ह पर आपत्ति जताई है। गोवा के राज्यसभा सांसद शांताराम नाईक ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का राजनीतिकरण कर रही है।  

कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की है और भाजपा का चुनाव चिह्न जब्त करने की मांग की है। ब्रिक्स लोगो को कांग्रेस ने भाजपा के चुनाव चिह्न कमल का प्रचार बताकर चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की है। कांग्रेस ने चुनाव से कहा है कि ब्रिक्स समिति द्वारा सदस्य देश के राजनीतिक दल के चुनाव चिह्न से मिलता-जुलता लोगो चुना जाना पूरी तरह से गलत है और इसे चुनाव चिह्न (आरक्षण व आवंटन) आदेश-1968 का उल्लंघन बताया है। 

नाईक ने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन के लिए कमल प्रतीक चिन्ह का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि राज्य में साल 2017 के शुरुआत में चुनाव होने हैं। कमल को प्रतीक चिन्ह के रूप में इस्तेमाल कर भाजपा ब्रिक्स का भगवाकरण कर रही है। कमल भाजपा का भी प्रतीक चिन्ह है।" 

वहीं, भाजपा ने इसे कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का मानसिक दिवालियापन करार दिया है। ब्रिक्स लोगो विवाद पर शुक्रवार को भाजपा ने कहा कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ब्रिक्स लोगों का विरोध कर रही है, क्योंकि वह कमल है. यह बात फिर से उनके दिवालियापन को दर्शाती है क्योंकि, कई देशों ने आपस में संयुक्त रूप से चर्चा कर इस तरह के लोगो का फैसला किया है। लेकिन, इस लोगों के फैसले के पीछे का क्या कारण है यह मैं नहीं बता सकता हूं।"

भाजपा ने आगे कहा कि कमल कई चीजों का संकेतक है। यह निर्मलता का संकेत है और निर्लिप्तता का भी। इसके साथ ही, यह धरातल से जुड़े होने का भी संकेतक है। वह सभी चीजें कमल के जरिए ही आती है, ऐसे में यह संकेत बेहत महत्वूर्ण है। लेकिन, अगर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी कमल का विरोध कर रही है तो क्या वे कल को कहीं भी कमल का विरोध करेंगे क्योंकि वह भाजपा का प्रतीक चिन्ह है।"