चौकीदार के आने के बाद से सारे लुटेरे भागने लगे: अमित शाह

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (11 फरवरी): भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को दिल्ली में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की याद में आयोजित समर्पण दिवस समारोह को संबोधित किया। शाह ने कहा कि पार्टी का काम करते करते आज ही के दिन पंडित जी ने अपना बलिदान दिया. बीजेपी शुरू से इस दिन को समर्पण दिवस के रूप में मनाती है। 

इस मौके पर दिल्ली के पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि लोकतांत्रित मुल्यों का जतन, संवर्धन और संरक्षण अगर किसी एक संस्कृति ने किया है, तो वो भारतीय संस्कृति ने किया है। शाह ने कहा, 'दीनदयाल जी ने एक ऐसी पार्टी की परिकल्पना की, जिस पार्टी का आधार नेता न हों, बल्कि कार्यकर्ता और संगठन हों। दीनदयाल जी ने पार्टी का जो एक बीज बोया था, वो आज एक विशाल वट वृक्ष के रूप में सामने है। खुद को प्रसिद्धि से दूर रखकर संगठन के माध्यम से चुनाव कराने का जो मंत्र दीनदयाल जी ने दिया था, वो आज भी हमारे लिए प्रेरणास्रोत है।'

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि हमारे ध्येय को प्राप्त करने का साधन भाजपा का संगठन है. हम सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और गरीब कल्याण के ध्येय को लेकर आगे बढ़े हैं। बकौल शाह, 'मैं आज ये नहीं कह सकता कि पूरी पार्टी केवल कार्यकर्ताओं के चंदे से चलती है. आज ये संभव नहीं है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने ये सुनिश्चित किया है कि आज 2000 रुपए से ज्यादा कैश चंदा नहीं लिया जा सकता. काले धन के इस्तेमाल पर अंकुश लगाया गया है। 

शाह ने कहा कि आज 7 राज्यों का कार्यालय पूरा खर्च कार्यकर्ताओं के चंदे से चलता है। आज देश भर के कार्यकर्ता अपने पसीने की कमाई का एक हिस्सा पार्टी के काम के लिए देंगे। हमने लक्ष्य रखा है कि हर बूथ से कम से कम 2 कार्यकर्ता नरेंद्र मोदी ऐप के माध्यम से कम से कम एक हजार रुपये दे। उन्होंने कहा कि 'गौरव के साथ पार्टी कार्यकर्ता कहे कि हम अपने पैसे से पार्टी चलाते हैं, कोई धनपति नहीं चला सकता. बीजेपी सभी पार्टियों को इस रास्ते पर चलने को सुनिश्चित करे।'

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने काले धन के खिलाफ बड़ी लड़ाई शुरू की है। दिल्ली के सर्द मौसम में भी उनके चेहरे पर पसीना देखने को मिला है जिन्होंने कानून तोड़ा है, उन्हें जरूर पकड़ा जाएगा। आज हम पर सवाल करते हैं कि लोग देश का पैसा लेकर भाग गए। भागना क्यों पड़ा क्योंकि हमने उनके जेल जाने का इंतजाम किया था, जबकि जो सत्ता में पहले से बैठे थे, वो उनके भागीदार थे, नीरव मोदी हो माल्या हो। देश में मोदीजी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ बहुत बड़ी लड़ाई शुरू हुई है। पहले घोटाले करने वाले सत्ता में बैठे लोगों के भागीदार थे, इसलिए देश से नहीं भागते थे। चौकीदार के आने के बाद से सारे लुटेरे भागने लगे है।