नॉर्थ-ईस्ट में जीत के बाद मिशन कर्नाटक पर अमित शाह

अमित कुमार, नई दिल्ली(6 मार्च): 'जीत हमारी जारी है अब कर्नाटक की बारी है' इस नारे को सच करने के लिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मिशन कर्नाटक में जुट गए हैं। अमित शाह ने बीजेपी के नए कार्यालय में एक बैठक कर कर्नाटक फतह करने की रणनीति को अंतिम रूप दिया। इस बैठक में कई केंद्रीय मंत्री, सांसद और कई राज्यों के संगठन से जुड़े करीब 55 नेता मौजूद थे।

भाजपा का कर्नाटक में एक्शन प्लान इस तरह बनाया गया है कि पूरे कर्नाटक को इन 55 लोगों के बीच बांट दिया गया है हर एक व्यक्ति को 4 विधानसभा की जिम्मेदारी दी जाएगी और फिर उस सांसद या केंद्रीय मंत्री को अपने जिम्मेदारी वाले 4 विधानसभा क्षेत्र में लगातार दौरे करने होंगे। जनसभाएं, कार्यकर्ताओं के साथ बैठक, संगठन की मजबूती और बूथ स्तर पर बैठक करनी होगी और उसके बाद केंद्रीय नेतृत्व को हर एक सीट पर फीडबैक रिपोर्ट तैयार कर अध्यक्ष अमित शाह को इस अप्रेल के पहले हफ्ते में सौंपने को कहा गया है।

अमित शाह ने संसद सत्र के दौरान शनिवार, रविवार को सभी नेताओ को कर्नाटक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में दौरा करने को कहा है और संसद सत्र खत्म होने तक वहां पर कार्यकर्ताओं को मजबूती से खड़ा कर चुके होंगे यानी कि केंद्रीय नेतृत्व चाहता है कि संसद सत्र खत्म होने तक हर एक सीट पर एक पॉलिटिकल लीडर का ओपिनियन हर एक विधानसभा सीट पर मिल जाए ताकि यह स्पष्ट हो जाए कि भाजपा कितनी सीटों  पर जीत हासिल कर सकती है। 

केंद्रीय मंत्रियों में पीयूष गोयल, जेपी नड्डा, निर्मला सीतारमण, धर्मेंद्र प्रधान, मनोज सिन्हा, पी पी चौधरी, अर्जुन मेघवाल समेत कई मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के कई वरिष्ठ महामंत्री भूपेंद्र यादव अविनाश राय खन्ना श्याम जाजू कैलाश विजयवर्गीय, राजीव प्रताप रूडी सहित अन्य सांसदों जैसे रामशंकर कठेरिया,  महेश पोद्दार नारायण पंचारिया,  हरीश द्विवेदी, गणेश सिंह, सी आर पाटिल, आशीष शेलार, अनिल जैन , के लक्ष्मण, राजेंद्र अग्रवाल , मनसुखभाई मांडविया के नाम भी इस सूची में शामिल हैं।

अबकी बार कर्नाटक में भाजपा सरकार के सपने को सच करने के लिए पार्टी ने अपना पूरा एक्शन प्लान तैयार कर लिया है और संसद सत्र के बाद बीजेपी कर्नाटक में कारपेट बॉम्बिंग यानी की बड़े नेताओं की जनसभाएं शुरु कर देगी। जिसमें तमाम केंद्रीय मंत्री के साथ प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की कई सभाएं होना संभव है।