कॉरपोरेट डोनेशन पाने वालों में बीजेपी सबसे ऊपर

 नई दिल्ली (18 अगस्त): हाल के वर्षों में राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे यानी कॉरपोरेट डोनेशन में काफी बढ़ोतरी हुई है और इनमें बड़ा हिस्सा बीजेपी को मिल रहा है। इसका खुलासा  चुनाव सुधार के लिए काम करने वाली संस्था एडीआर (असोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स) की ओर से जारी रिपोर्ट में हुआ। एडीआर ने वर्ष 2011-12 से लेकर 2015-16 के बीच सभी राष्ट्रीय दलों को मिले कॉरपोरेट चंदे का विश्लेषण किया है। 

रिपोर्ट के अनुसार, इन 4 वर्षों में राजनीतिक दलों को 956.77 करोड़ रुपये का डोनेशन मिला है। इस दौरान सीपीएम, एनसीपी और सीपीआई को बीजेपी-कांग्रेस के मुकाबले काफी कम चंदा मिला। एडीआर के अनुसार, 89 फीसदी चंदा कॉरपोरेट घरानों से आया है। नियम के अनुसार, सभी दलों को मिलने वाले राजनीतिक चंदे की नियमित तौर पर चुनाव आयोग को जानकारी देनी होती है। राष्ट्रीय दलों को सबसे ज्यादा डोनेशन 2014 में मिला, जो 5 वर्षों में मिले कुल चंदे का 60 फीसदी है।

- वर्ष 2011-12 से 2015-16 के बीच बीजेपी ने 705.81 करोड़ का डोनेशन 2987 कॉरपोरेट डोनर से पाया।

- दूसरे नंबर पर कांग्रेस रही, जिसे 167 डोनरों से 198.16 करोड़ का चंदा मिला।

- सत्या ट्रस्ट सबसे ज्यादा कॉरपोरेट डोनेशन देने वाली संस्था है, जिसने 5 वर्षों में राजनीतिक दलों को 260.87 करोड़ रुपये चंदे के रूप में दिया।

- रियल एस्टेट सेक्टर ने  5 वर्षों में इस सेक्टर से 16.95 करोड़ रुपये चंदा मिला। इसमें अकेले बीजेपी को 15.96 करोड़ मिले। वहीं, कांग्रेस को 95 लाख रुपये मिले।

- कुल 1933 डोनेशन में लगभग 384 करोड़ के चंदे में पैन नंबर का जिक्र नहीं है, वहीं 355 करोड़ के चंदे देने वाले का पता ही नहीं चला है। इन अज्ञात चंदों में 99 फीसदी बीजेपी को मिला है।