बिटकॉइन में पैसा लगाने वाले 5 लाख अमीरों को मिलेगा IT का नोटिस

नई दिल्ली (19 दिसंबर): वर्चुअल करंसी बिटकॉइन में निवेश और ट्रेडिंग की जांच के दौरान आयकर विभाग अब देशभर से 4 से 5 लाख हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI) को नोटिस भेजने की तैयार कर रहा है। ये वो लोग हैं जो बिना नियमन वाले एक्सचेंज पर ट्रेड कर रहे थे।

उल्लेखनीय है कि कर अधिकारियों ने इस मामले में पिछले सप्ताह इस तरह के नौ एक्सचेंजों का सर्वे किया था। यह कदम कर चोरी पर लगाम लगाने के प्रयासों के तहत की गई।  

अधिकारियों के अनुसार इन एक्सचेंजों में अनुमानत 20 लाख इकाइयां पंजीबद्ध थीं जिनमें से चार से पांच लाख परिचालन में हैं और कारोबार व निवेश कर रही हैं। सूत्रों ने ‘मीडिया’ से कहा कि कर विभाग की बेंगलुरू जांच इकाई ने अपने सर्वे में मिली जानकारी को देश भर में आठ ऐसी ही इकाइयों को भेजी है। इकाई ने सर्वे में डेटा बेस से व्यक्तियों व इकाइयों के बारे में जानकारी मिली थी। 

इस ऑपरेशन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि विभाग को जिन व्यक्तियों और फर्मों के रिकॉर्ड मिले हैं, अब उनकी टैक्स चोरी के संबंध में जांच की जाएगी। इस संबंध में नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

इन लोगों को बिटक्वॉइन में हुए निवेश या लेनदेन पर कैपिटल गेन टैक्स का भुगतान करना होगा। आयकर विभाग ने हाल ही में बेंगलुरु जांच शाखा की निगरानी में देशभर के बड़े बिटक्वॉइन एक्सचेंजों पर छापेमारी की थी। विभाग को इन ठिकानों पर कथित तौर पर टैक्स चोरी का शक था। विभाग से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी थी। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग की अन्य टीमों के अफसरों ने बीते बुधवार को दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोच्चि और गुरुग्राम समेत देश के नौ ऐसे एक्सचेंजों के परिसरों का दौरा किया है।

यह छापेमारी आयकर कानून की धारा 133ए के तहत की गई थी। उन्होंने बताया है कि इसका मकसद निवेशकों और ट्रेडर्स की पहचान करना, उनकी ओर से किए गए लेनदेन और इस्तेमाल किए गए बैंक खातों वगैरह के बारे में साक्ष्य जुटाना था।