बिटकॉइन के पीछे है चीन का 'काला खेल', जानिए कैसे

नई दिल्ली (16 दिसंबर): वर्चुअल करेंसी बिटकॉइन को लेकर न्यूज 24 ने पहले ही लोगों को आगाह किया था कि इसमें सोच-समझ कर निवेश करें, नहीं तो आपका पैसा डूब भी सकता है। अब ऐसी ही खबर सामने आ रही है, जिसके अनुसार, देश में बिटकॉइन की खरीद-फरोख्त करवाने वाली कंपनियों पर इनकम टैक्स विभाग के छापों के बाद कंपनी की वेबसाइट बंद होने के बाद इससे जुड़े गाजियाबाद समेत दिल्ली-एनसीआर और पूरे यूपी के हजारों अकाउंट ब्लॉक हो गए हैं। 

न्यूज 24 की वह खबर, जिसमें हमने बताया था कि बिटकॉइन खरीदने वालों का पैसा डूब जाएगा!

क्या आपको यह पता है कि बिटकॉइन के पीछे एक गहरा रहस्य है और इस रहस्य के पीछे है चीन। दरअसल, चीन दुनिया का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक देश है। वह इसी कोयले की खपत के लिए बिटकॉइन माइनिंग को जोरशोर से बढ़ावा दे रहा है। याद रखिए, पर्यावरण के लिहाज से कोयला ऊर्जा उत्पादन का सबसे 'गंदा' जरिया है।  

अब यह भी जान लें कि हरेक बिटकॉइन के निर्माण और इसके ट्रांजैक्शन में भारी मात्रा में बिजली खर्च होती है। डेनमार्क के बैंक ING के मुताबिक, बिटकॉइन के प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर 240 किलोवॉट बिजली खर्च होती है। यह एक औसत परिवार के मासिक बिजली खपत के बराबर है। चीन अपना कोयला खर्च करने के लिए बिटकॉइन माइनिंग को बढ़ावा दे रहा है। चीन के उत्तरी हिस्से में 100-100 मीटर लंबे आठ वेयरहाउसेज हैं। यहां बिटमेन टेक्नॉलजीज लि. के सर्वर प्लांट्स हैं जहां 25,000 कंप्यूटर्स बिटकॉइन जेनरेट करने में लगे हैं। इन्हें कोयले से उत्पादित बिजली का आपूर्ति ही होती है।