बिरला-सहारा डायरी केस में गुजरात के तत्कालीन सीएम मोदी के खिलाफ नहीं कोई साक्ष्य- मुकुल रोहतगी

नई दिल्ली (11 जनवरी): बिरला-सहारा डायरी केस में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जरनल मुकुल रोहतगी ने कहा कि अगर ऐसे डॉक्युमेंट्स को कानूनी सबूत माना जाएगा तो देश में कोई सुरक्षित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई विश्वसनीय डॉक्युमेंट नहीं है जो साबित कर सके कि कॉर्पोरेट घरानों ने मोदी जी को पैसे दिए थे।

गौरतलब है कि इनकम टैक्स की एक रेड में सहारा के ऑफिस से एक डायरी मिली थी, जिसमें कथ‍ित रूप से यह लिखा है की 2003 में गुजरात के मुख्यमंत्री को 25 करोड़ रुपये घूस दी गई। उस समय नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। इनके अलावा तीन और मुख्यमंत्रियों को भी घूस दी गई। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के मुताबिक आय कर विभाग ने अपनी रिपोर्ट में ये बातें कहीं हैं। याचिका में उन्होंने इस मामले की एसआईटी जांच की भी मांग की है।