कश्मीर में महिला प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए सेना में महिलाओं की होगी भर्ती

देहरादून (10 जून): कश्मीर घाटी में कुछ लोग पाकिस्तान और अलगाववादियों के झांसे में आकर सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ पथराव करते हैं और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान सुरक्षाकर्मियों के लिए मुश्किल हालात पैदा करते हैं। सुरक्षाकर्मियों के लिए मुश्किलें उस वक्त ज्यादा बढ़ जाती है जब बहकावे में आकर महिलाएं आतंकियों की ढाल बन जाती हैं। अब सुरक्षा एजेंसियां अलगाववादियों और आतंकियों की इस चुनौती से निपटने के लिए नई रणनीति बनाने में जुटी है।


इसी सिलसिले में आर्मी चीफ बिपिन रावत ने सेना में महिलाओं की भर्ती पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कई बार ऑपरेशन के दौरान महिलाएं सामने आ जाती हैं, इसलिए महिला जवानों की भर्ती जरूरी है। रावत ने कहा पहले हम मिलिटरी पुलिस में महिलाओं की भर्ती करेंगे, अगर सफलता मिलती है तो आगे विचार होगा।

 

आर्मी चीफ ये बातें देहरादून में नेशनल डिफेंस एकेडमी यानी NDA के पासिंग आउट परेड के मौके पर कही। उन्होंने कहा कि कई बार हम जब ऑपरेशन करने जाते हैं तो आवाम का सामना करना पड़ता है। कई बार महिलाएं हमारे सामने आ जाती हैं। ऐसे में पुरुष जवान उनके खिलाफ कार्रवाई करने में झिझकते हैं। हमें जवान वाले रैंक में भी महिलाओं की जरूरत है।